देहरादून। उत्तराखंड के संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा की अध्यक्षता में लीड एजेंसी के अधिकारियों ने आशारोडी चेकपोस्ट के निकट सड़क दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया। इस मार्ग पर पिछले कुछ समय से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।
दल ने डाटकाली मंदिर टनल से आशारोडी चेकपोस्ट तक नवनिर्मित मार्ग का अवलोकन किया। यह देखा गया कि अधिकतर दुर्घटनाएं भारी वाहनों से प्रातःकालीन समय में होती हैं। मंगलवाल को हुई दुर्घटना में भी पुलिस विभाग की बस और एक भारी वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए। जांच दल जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। एनएचएआई भी इस स्थल का सीआरआरआई से ऑडिट करा रहा है। ऑडिट रिपोर्ट मिलने पर दीर्घकालिक उपाय किए जाएंगे।
जांच दल में उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी, संभागीय परिवहन अधिकारी अनीता चमोला, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रत्नाकर सिंह, एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आदि मौजूद रहे।
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तत्काल सुरक्षा के लिए सुझाव
जांच दल ने तत्काल कुछ अल्पकालिक उपाय करने की आवश्यकता बताई है। पुलिस चेकपोस्ट से जॉइंट चेकपोस्ट के बीच लगभग दो किलोमीटर मार्ग पर कम से कम दो स्थानों पर जिग-जैग बैरिकेडिंग लगाई जाए। इससे वाहनों की गति सीमा को नियंत्रित किया जा सकेगा। पूरे मार्ग पर दो-तीन स्थानों पर डिजिटल स्पीड डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाने चाहिए। इसके अलावा आशारोडी चेकपोस्ट पर स्मार्ट सिटी की ओर से स्थापित डिस्प्ले बोर्ड को अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए। चेकपोस्ट के निकट वृक्षों और झाड़ियों की छंटाई की जाए। राज्य के प्रवेश द्वार पर और मार्ग में बड़े सूचना पट्ट लगाए जाएं। ये पट्ट यात्रियों को लगातार ढलान, गति नियंत्रण और दुर्घटना संभावित स्थलों के प्रति सावधानी बरतने की चेतावनी देंगे।