तीन दिन से पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश से गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी निशान 293 मीटर को पार कर गई। जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के एक दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा गया है।
दूसरी तरफ, बरसात के चलते सोलानी नदी उफान पर है। क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों की कृषि भूमि पर बाढ़ का पानी फैल गया है। तहसील प्रशासन ने सभी संवेदनशील गांवों को अलर्ट कर खानपुर की दोनों बाढ़ राहत चौकियों को भी सतर्क कर दिया है। उधर, मौसम विभाग ने आने वाले 48 घंटों में पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
सीजन में पहली बार सोमवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान के पार हुआ है। सुबह दस बजे गंगा 293.5 का जलस्तर मीटर दर्ज हुआ। इससे गंगा किनारे बसे एक दर्जन से अधिक गांवों के ऊपर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा। गंगा के साथ सोलानी नदी उफान पर आई है। अगर दोनों नदियों का जलस्तर और बढ़ा तो तटबंधों के टूटने का खतरा बढ़ जाएगा।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए एसडीएम कौस्तुभ मिश्र ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर की हर दो घंटे बाद जानकारी ली जा रही है। गंगा और सोलानी नदी की जद में बसे सभी गांवों के जन प्रतिनिधियों व हल्कालेखपालों को अलर्ट कर दिया गया है तथा खानपुर क्षेत्र की गोवर्धनपुर व माड़ाबेला बाढ़ राहत चौकियों के कर्मचारियों को भी 24 घंटे चौकी पर मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।
इन गांवों में घुसा सोलानी नदी का पानी
- हस्तमौली,आलमपुरा, प्रहलादपुर, अब्दीपुर, ययिहापुर, शाहपुर
गंगा किनारे के यह गांव खतरे में
- कलसिया, डुमनपुरी, बालावाली, उत्तर प्रदेश के हिम्मतपुर बेला व रामसहायवाला एवं पोडोवाली, डेरियो, मोहनावाला, बादशाहपुर, खानपुर, तुगलपुर, इदरीशपुर, माड़ाबेला, चंद्रपुरी, शेरपुर बेला आदि
सोलानी किनारे बसे इन गांव को खतरा
- मौहम्मदपुर मथाना,कर्णपुर, महेश्वरा, हस्तमौली, शाहपुर, आलमपुरा, प्रहलादपुर, मदारपुर, याहियापुर, दाबकी खेड़ा, नाईवाला, जोगावाला, अब्दीपुर, सहीपुर,धर्मपुर आदि
रायसी के दो युवक नदी में डूबे
नीलकंठ महादेव पर जल चढ़ाने गए रायसी के दो युवक ऋषिकेश में गंगा में नहाते समय तेज धारा में बह गए। युवकों के गंगा में डूबने की खबर से गांव में शोक का माहौल है। रायसी निवासी राजकुमार का 20 वर्षीय पुत्र सुमित और उसका दोस्त अतुल शनिवार को नीलकंठ में जल भरने गए थे। उनके साथ भुरनी, मुंडाखेड़ा, पथरी के जगदीशपुर के कुछ रिश्तेदार भी नीलकंठ जा रहे थे। बताया जाता है कि वह दोनों रविवार रात आठ बजे के लगभग ऋषिकेश के रामझूला के निकट गंगा में नहा रहे थे। इसी दौरान सुमित का पैर फिसल गया और वह बहने लगा। उसने अपने बचाव के लिए किनारे पर खड़े अपने दोस्त अतुल का हाथ पकड़कर बचने की कोशिश की, लेकिन सुमित को बचाने के चक्कर में अतुल भी गंगा में गिर गया। घाट पर मौजूद लोगों ने उनके साथ गए रिश्तेदारों को उन दोनों के डूबने की जानकारी दी। जैसे ही दोनों के घर उनके बच्चों के डूबने की खबर पहुंची कोहराम मच गया। परिजन रविवार देर रात ऋषिकेश पहुंचे।