प्रतिबंध के बाद भी टाइगर फाॅल में पर्यटक जान जोखिम में डालकर स्नान कर रहे हैं। झरने के ऊपर पहाड़ी पर 17 संवेदनशील पेड़ हैं जो, कभी भी नीचे गिर सकते है। प्रशासन और विभाग बेखबर है।
बीती 26 मई को चकराता के प्रसिद्ध टाइगर फॉल में पहाड़ी से एक बड़ा पेड़ गिरने से दिल्ली की एक महिला पर्यटक और स्थानीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। उसके बाद प्रशासन ने चकराता में पर्यटकों के स्नान करने पर रोक लगा दी थी। हालांकि, पर्यटक टाइगर फॉल को देख सकते हैं।
तहसील प्रशासन, पर्यटन विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम ने टाइगर फाॅल के ऊपर पहाड़ी का निरीक्षण किया था। इस दौरान पहाड़ी पर 17 पेड़ संवेदनशील पाए गए थे। झरने के उफान पर आने से संवेदनशील पेड़ कभी भी नीचे गिर सकते हैं।
गर्मियों की छुट्टियों के बीच देहरादून, सहारनपुर, पांवटा, सिरमौर, दिल्ली, नोएडा, हरियाणा और पंजाब से बड़ी संख्या में पर्यटक चकराता पहुंच रहे हैं। पर्यटक दुर्घटना के खतरे के बाद भी टाइगर वाटर फॉल में स्नान के लिए पहुंच रहे हैं।
हैरानी की बात है कि बिना किसी रोक-टोक के पर्यटक झरने के नीचे स्नान करते हुए नजर आ रहे है। खतरे से बेखबर कई पर्यटक तो छोटे-छोटे बच्चों के साथ झरने के ठीक नीचे स्नान कर रहे हैं। दुर्घटना के लिहाज से वर्तमान में अतिसंवेदनशील टाइगर फाॅल के नीचे पर्यटकों की मौज मस्ती के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। बावजूद, प्रशासन और पर्यटन विभाग सुरक्षा इंतजाम करने के मामले में लापरवाह बने हुए है। यह लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है।
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हाल ही में तीनों तहसीलों का प्रभार ग्रहण किया हूं। चकराता में टाइगर फॉल में हुई दुर्घटना का मामला संज्ञान में है। प्रतिबंध के बाद भी वाटर फॉल में पर्यटकों के स्नान करने के मामले की जांच कर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। - प्रेमलाल, एसडीएम, चकराता