ऋषिकेश में एक से सात मार्च तक योग फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा। सोमवार को पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने फेस्टिवल की तैयारियों को लेकर गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के अधिकारियों के साथ समीक्षा की।
पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योग फेस्टिवल में अधिक से अधिक संख्या में योगाचार्यों को आमंत्रित किया जाए। फेस्टिवल में ज्योतिष का अलग से सत्र रखा जाए। फेस्टिवल में फुट मसाज का स्टॉल लगाया जाएगा। भविष्य में केदारनाथ, द्रोणागिरि जैसे धार्मिक स्थानों में फुट मसाज की व्यवस्था की जाएगी।
महाराज ने कहा कि फेस्टिवल में उत्तराखंड के उत्पादों को इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में प्रचार के लिए एक कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी। गत वर्षों की तरह धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए प्रसिद्ध कलाकारों को आमंत्रित किया जाए।
बैठक में गढ़वाल मंडल विकास निगम के प्रबंधक निदेशक आशीष चौहान, महाप्रबंधक जितेंद्र कुमार, उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के उपनिदेशक योगेंद्र कुमार गंगवार, रिसर्च आफिसर एसएस सामंत आदि मौजूद थे।
16-17 फरवरी को रहेगी टिहरी झील महोत्सव की धूम
कोविड महामारी से ठिठके पर्यटन कारोबार को गति देने की कड़ी में अब टिहरी झील महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। यह महोत्सव 16 व 17 फरवरी को टिहरी के कोटी में आयोजित होगा। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के मुताबिक, टिहरी झील महोत्सव में दो दिन तक वाटर स्पोर्ट्स व साहसिक खेल गतिविधियों का आयोजन होगा। साथ ही लोक एवं सांस्कृतिक आयोजन भी होंगे। इसमें योग भी शामिल किया गया है।
टिहरी महोत्सव की नोडल अधिकारी पूनम चंद के मुताबिक, टिहरी झील महोत्सव में पर्यटकों के लिए जल क्रीड़ा में बोटिंग, जेट स्की, बनाना राईड, सर्फिंग, क्याकिंग, केनोइंग, स्कूवा डाइविंग मुख्य गतिविधियां होंगी। लैंड स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में माउंटेन टरेन बाइकिंग, एटीवी बाइक, तीरंदाजी, एयरो स्पोर्ट्स में पैराग्लाइडिंग, पैरामोटर, हॉट एयर बैलून का आयोजन होगा। ये सारे आयोजन उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के साहसिक विंग के दिशा निर्देशों में होंगे।
देव डोलियों की शोभा यात्रा होंगी मुख्य आकर्षण
टिहरी झील महोत्सव में उत्तराखंड की पारंपरिक देव डोलियों की शोभायात्रा भी निकाली जाएगी जो आकर्षण का मुख्य केंद्र होंगी। प्रसिद्ध कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। हस्त शिल्प एवं स्थानीय उत्पादों की स्टॉल प्रदर्शनी, स्थानीय पकवानों के स्टॉल, पुरानी टिहरी एवं वर्तमान टिहरी शहर से जुड़ी विभिन्न प्रकार के चित्रों की प्रदर्शनी, टिहरी रियासत से जुड़ी पुरानी वस्तुओं की प्रदर्शनी का भी आयोजन होगा।