दीपिका कहती हैं कि न्यूरोलॉजी विभाग में कार्य करते हुए वरिष्ठ न्यूरो चिकित्सक डॉ. दीपक गोयल ने उनकी क्षमता और सीखने की ललक को पहचाना। उन्होंने उन्हें दोबारा मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने और चिकित्सक बनने के लिए लगातार प्रेरित किया। इस दौरान उनके अभिभावक व अन्य परिजनों ने भी हौसला दिया।
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने डॉ. दीपिका खांडूजा को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं। एक परीक्षा जिंदगी का फैसला नहीं होती। दीपिका की यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल ही में नीट परीक्षा के परिणाम और परीक्षा के दबाव से जुड़ी कई दुखद घटनाओं ने समाज और अभिभावकों को सोचने पर मजबूर किया है।