पुलिस के आने पर और उग्र हुए छात्र
प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ता और छात्र तब और उग्र हो गए जब मौके पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हटाना शुरू कर दिया। कई छात्रों को जबरन उठाकर परिसर से बाहर किया गया और कुछ को थाने भी ले जाया गया, जिससे छात्रों में आक्रोश बढ़ गया। एनएसयूआई महानगर अध्यक्ष ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई उनके अधिकारों का हनन है। परिसर में पुलिस बुलाना गलत है।
नवंबर में हुई परीक्षा, अभी तक नहीं आए परिणाम
हिमांशु जाटव ने बताया कि बीबीए और बीसीए की परीक्षाएं नवंबर और दिसंबर में आयोजित की गई थी लेकिन अभी तक परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं। विवि ने स्क्रूटनी का शुल्क भी प्रति विषय तीन हजार रखा है, जो आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर भारी पड़ रहा है।
ये हैं प्रमुख मांगें
- सहायक परीक्षा नियंत्रक पूर्व की भांति सप्ताह में दो दिन परिसर में बैठे
- परीक्षा परिणाम समय पर जारी किया जाए
- परीक्षा परिणाम में हुई त्रुटियों को जल्द ठीक किया जाए
- स्क्रूटनी का शुल्क प्रति विषय एक हजार किया जाए
दो घंटे थाने में रखा छात्र नेताओं को
महानगर अध्यक्ष हिमांशु जाटव ने बताया कि शांति पूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की गई। उन्हें और छात्रसंघ सचिव अभिषेक कुमार त्रिसूलिया, छात्रसंघ उपाध्यक्ष आयुष तड़ियाल, छात्र नेता मानव रावत व गौरव जोशी को पुलिस थाने ले गई। करीब दो घंटे बाद छोड़ा गया।