अपने दोस्त से जताई थी इच्छा
यहां उपचार के दौरान 29 मार्च को कैथरीन ने दम तोड़ दिया। हालांकि, इससे पहले कैथरीन ने अपनी मित्र डेनमार्क निवासी नाया को अपनी अंतिम इच्छा बताई थी। कैथरीन ने कहा था कि उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज के अनुसार किया जाए। नाया और कैथरीन ऋषिकेश के एक आश्रम में योग सीख रहे थे।
लक्ष्मणझूला थाना प्रभारी विनोद सिंह गुसाईं ने बताया कि कनाडा दूतावास के माध्यम से कैथरीन के चारों भाइयों से संपर्क किया गया। बड़े भाई ने कैथरीन की इच्छा के अनुसार नाया के माध्यम से अंतिम संस्कार की अनुमति दी।
इस पूरी प्रक्रिया में समय लगने के कारण सोमवार को शव के पोस्टमार्टम के बाद चंद्रेश्वर घाट पर कैथरीन को नाया ने मुखाग्नि दी। उन्होंने बताया कि उनकी अस्थि के एक भाग को आज गंगा में विसर्जित किया गया। वहीं, दूसरे भाग को नाया युगांडा लेकर जाएंगी। पुलिस के अनुसार कैथरीन करीब एक सप्ताह से बीमार थीं। उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत थी।