प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश चौपड़ा ने इस उपलब्धि को कंपनी की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, सटीक योजना और निरंतर निष्पादन का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा भारी बारिश और भूस्खलन जैसी प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के बावजूद, हमारी टीमों ने लॉजिस्टिक चुनौतियों को नवाचार और दृढ़ता के साथ पार किया। सितंबर महीने में इस टनल को रेलेवे को सौंपा जाएगा। जबकि गूलर से व्यासी टनल को पूर्ण करके दिसंबर में रेलवे के सुपर्द कर दी जाएगी।