चट्टान पर ब्लास्ट कर मिट्टी के टीले और पत्थरों को पूरी तरह से हटाया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है, जिससे चट्टान से बार-बार भूस्खलन होने से हाईवे बाधित हो रहा है।
मंगलवार दोपहर दो बजे हाईवे ताछला में बाधित हो गया था, जिससे सड़क मार्ग के दोनों तरफ 100 से अधिक वाहनों में सवार लोग फंस गए थे। चंबा की ओर से ऋषिकेश, देहरादून और हरिद्वार जाने वाले लोग भले ही रात को धनोल्टी होते हुए अपने गंतव्य की ओर निकल गए थे, लेकिन ऋषिकेश से चंबा की ओर आने वाले वाहनों में सवार लोगों को रात सड़क और वाहनों में ही गुजारनी पड़ी।
बुधवार सुबह आठ बजे बड़ी मुश्किल से मार्ग खुल पाया, तब जाकर वहां फंसे लोगों ने राहत की सांस ली। नरेंद्रनगर एसडीएम युक्ता मिश्रा का कहना है कि रात को पानी का टैंकर ताछला भेजा गया। लोगों को दिक्कतें जरूर आई है, लेकिन आसपास के होटल में खाने की व्यवस्था थी।