वित्तीय वर्ष समाप्त होने काे है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने बकाया राजस्व वसूली को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अब तक की राजस्व वसूली में मुख्य देयों में तहसील ऋषिकेश, त्यूनी और डोईवाला अव्वल चल रहे हैं। जबकि, विविध देयों की श्रेणी में तहसील विकासनगर, डोईवाला और ऋषिकेश आगे हैं। वसूली में चकराता और कालसी तहसीलें पिछड़ गई हैं।
एडीएम फाइनेंस केके मिश्रा ने सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया कि हर हाल में 10 दिनों के अंदर 100 फीसदी बकाया वसूली की जाए। क्षेत्रवार टॉप टेन बड़े बकाएदारों की सूची तैयार कर उन पर शिकंजा कसा जाए। अमीनों को चेताया गया कि वसूली में उनकी सक्रियता नहीं पाए जाने पर लापरवाही को उनकी चरित्र पंजिका में अंकित किया जाएगा। तहसीलदारों के साथ बैठक में एडीएम वित्त केके मिश्रा ने कहा कि मुख्य देयों में अब तक कुल 73.68 प्रतिशत की वसूली की गई है। जबकि, विविध देयों में 65.48 प्रतिशत की वसूली हुई है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अमीन की कार्यशैली की समीक्षा खुद तहसीलदार करें और विभागवार वसूली को तेज करेंं। कहा कि उप्र रिकवरी एक्ट वसूली अधिनियम के तहत मांग पत्र का परीक्षण कर कार्रवाई की जाए। इस दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि बकाया वसूली में किसी का उत्पीड़न न हो।
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यह है तहसीलों का प्रदर्शन
तहसीलमुख्य देयविविध देय
सदर -58.97-62.67
विकासनगर 73.48-83.34
डोईवाला-89.1083.54
कालसी45.30-73.64
चकराता-33.16-75.79
त्यूनी-99.4878.87
ऋषिकेश-101.2382.90
यह आंकड़ा प्रतिशत में अब तक हुई राजस्व वसूली का है।
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यह हैं देय
मुख्य देय में खासकर सिंचाई के लिए वसूला जाने वाला कर शामिल होता है। जबकि विविध देयों में आबकारी देय, खनन राॅयल्टी देय, श्रम देय, स्टांप देय, मनोरंजन कर, राज्य सरकार के अन्य देय, जिला पंचायत, ग्राम समाज, नगर पालिका, नगर पंचायत, विद्युत देय, सहकारी बैंक, बैंक देय, वित्त निगम, अन्य निगमों के देय शामिल हैं।