ग्राम प्रधान लेखवार सिंह ही ग्राम प्रहरी भी हैं। वह इस पद पर पिछले 20 वर्षों से है। जिस वक्त ग्राम प्रहरी लेखवार सिंह का बड़ा भाई जयपाल राकेश पर चाकू से हमला कर रहा था। उस दौरान लोगों ने काफी देर तक गुहार लगाई। पीड़ित परिवार के मुताबिक ग्राम प्रहरी लेखवार सिंह घटना के वक्त घर पर ही मौजूद था। इसके बावजूद कई बार फोन पर सूचना देने के बावजूद वह घटनास्थल पर नहीं आया और न ही पुलिस को घटना की सूचना दी। जिस वक्त राकेश सिंह कैंतुरा और हरपाल सिंह कैंतुरा जिस वक्त मौत से जूझ रहे थे, उस समय पुलिस मौके पर पहुंच जाती तो शायद जान बच सकती थी।
सोमवार की रात करीब साढ़े आठ बजे की घटना के बारे में पुलिस काफी देर तक अनभिज्ञ रहीं। पीड़ित परिवार अपने संसाधनों से राकेश और हरपाल को ऋषिकेश स्थित राजकीय अस्पताल लेकर पहुंचा। सूचना मिलने के बाद मुनिकीरेती पुलिस मंगलवार की सुबह राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश पहुंची और संपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए एम्स ऋषिकेश भेज दिया है। वहीं घायल का उपचार एम्स ऋषिकेश में चल रहा है। एसएसआई संजीत कुमार के मुताबिक घायल की हालत खतरे से बाहर है।
आरोपी पहले भी कई बार कर चुका है गाली-गलौज
आरोपी जयपाल सिंह घटना में घायल हरपाल सिंह कैंतुरा के साथ पहले भी कई दफा गाली गलौज कर चुका है। मगर, हरपाल सिंह ने जयपाल सिंह को बुजुर्ग समझकर उसकी बातें को अनदेखा कर दिया था। सोमवार को जब जयपाल सिंह पुन: हरपाल के साथ गाली गलौज करने लगा तो हरपाल के सब्र का बांध टूट गया और उसने जयपाल को चैलेंज कर दिया। बस यही बात आरोपी को अखर गई। वह अपने कमरे में गया और धारदार चाकू लेकर हरपाल पर हमला करने आ गया।