नारायणघाटी में पहाड़ी से भारी बोल्डर और मलबा आने से ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग 16 घंटे बाद खुला। बीआरओ के मजदूर मंगलवार देर रात हाईवे को बहाल करने में जुटे रहे, जिसके बाद बुधवार सुबह 9 बजे हाईवे यातायात के लिए खोला जा सका।
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landslide in rishikesh badrinath highway
पहाड़ी से गिर रहे बोल्डर व मलबा से राजमार्ग अति संवेदनशील बना हुआ है। मंगलवार को दिनभर रुक-रुककर होती बारिश से बदरीनाथ हाईवे शाम 5.30 बजे नारायणघाटी में भारी बोल्डर और मलबा आने से बंद हो गया था।
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इस दौरान बीआरओ की ओर से हाईवे खोलने के प्रयास किए गए, लेकिन लगातार होती तेज बारिश और पहाड़ी से भारी मलबा गिरता रहा, जो हाईवे पर करीब 150 मीटर लंबे क्षेत्र तक फैल गया। अंधेरा होने पर जिला आपदा प्रबंधन रुद्रप्रयाग की ओर से आस्का लाइट मौके पर पहुंचाई गई।
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इसकी मदद से बीआरओ के मजदूर मशीनों से देर रात्रि तक बोल्डर व मलबा हटाने पर जुटे रहे। तेज बारिश होने पर कार्य को रोकना पड़ा। बुधवार प्रात: 6 बजे से पुन: बीआरओ द्वारा बाधित राजमार्ग पर जमा मलबा व बोल्डर को साफ करने का कार्य शुरू किया गया।
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badrinath highway
कड़ी मशक्कत के बाद प्रात: 9 बजे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। इधर, शिवानंदी और सिरोहबगड़ में भी हाईवे बारिश के चलते संवेदनशील बना हुआ है। यहां पर पहाड़ी से रुक-रुककर हल्का मलबा व पत्थर गिर रहे हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है।
नारायणघाटी में पहाड़ी से गिर रहे मलबे व बोल्डर के कारण हाईवे अति संवेदनशील बना हुआ है। भूस्खलन को देखते हुए दोनों तरफ मशीनें रखी गई हैं, जिससे मलबा व बोल्डर गिरने पर उन्हें तुरंत हटाया जाए और यातायात कम से कम प्रभावित हो।
-- गौरव कुमार, कमान अधिकारी, 66-बीआरओ गौचर