अतुल्य भारत और पर्यटन मंत्रालय के तत्वावधान में परमार्थ निकेतन की ओर से आयोजित 30वें अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में विश्व के 70 देशों के योग साधकों ने अपना पंजीकरण कराया है। पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष विदेशी सरजमीं से कम लोग योग महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे है। इसका कारण कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट का रद्द होना भी है।
शुक्रवार से शुरू हो रहे एक सप्ताह तक चलने वाले योग महोत्सव में योग की कक्षायें सुबह चार से रात साढ़े नौ बजे तक चलेंगी। इसमें योग जिज्ञासुओं को अष्टांग योग, आयंगर योग, विन्यास योग, कुंडलिनी योग, जीवमुक्ति योग, सिंतोह योग, सेमैटिक योग, हठ योग, राज योग, भक्ति योग, गंगा योग, लीला योग, डीप योग आदि एक सप्ताह तक प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त ध्यान, मुद्रा, वैदिक मंत्र, संस्कृत वाचन, आयुर्वेद, रेकी एवं भारतीय दर्शन की भी कक्षाएं चलेंगी।
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव की पूर्व संध्या पर स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, साध्वी भगवती सरस्वती ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार शाम चार बजे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत करेंगे। सात मार्च की शाम को पांच बजे राज्यपाल बेबी रानी मौर्य कार्यक्रम के समापन पर मौजूद रहेंगी। इस दौरान योगगुरु स्वामी रामदेव, आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर, शंकराचार्य, विश्व प्रसिद्ध अध्यात्म मूजी, स्वामी राधानाथ स्वामी, व्यासा विश्वविद्यालय के कुलपति तथा भारतीय योग संस्थान के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र, पर्यावरणविद् डॉ. वंदना शिवा सहित अनेक संत, योगाचार्य और पर्यावरणविद मौजूद रहे।
तीन को शक्ति पैनल, चार को शिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने बताया कि 30वें योग महोत्सव में पहली बार मध्य अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, उत्तरी अमेरिका से आदिवासी, जनजाति और आदिम जाति के लोग अपनी संस्कृति और संस्कारों को सांझा करेंगे। तीन मार्च को शक्ति पैनल का आयोजन किया जाएगा, इसमें देश और विदेश की विख्यात महिला लीडर्स सहभाग कर योग और महिला सशक्तीकरण पर चर्चा करेंगी। साथ ही चार मार्च को महोत्सव के दौरान महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।