टिहरी झील को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की सरकार की मुहिम रंग लाई, तो आने वाले दिनों में चारों ओर खूबसूरत और सभी सुविधाओं युक्त रिंग रोड होगी। लोनिवि रिंग रोड निर्माण के लिए तीन हजार चार सौ करोड़ की डीपीआर शासन को भेज दी है।
सरकार ने पूर्व में टिहरी झील को पर्यटकों की पहली पसंद बनाने के लिए इसके चारों ओर रिंग रोड बनाने की स्वीकृति दी थी। इसके लिए लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी को डीपीआर बनाने के निर्देश दिए थे। रिंग रोड से टिहरी डैम होते हुए टिपरी से चाह गडोलिया, पिलखी, घनसाली, सेंदुल से पिपोला तक 66.4 किमी सड़क का विस्तारीकरण किया जाएगा, जबकि पिपोला से घोंटी पुल होते हुए म्यूड़ा तक 16 किमी नई सड़क बनेगी।
छह मीटर चौड़ी डबल लेन रिंग रोड के एक किनारे 150 मीटर का पैदल फुटपाथ, 150 मीटर का साइकिल ट्रेक, सड़क के बीच में छह मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट बनाई जाएगी। घनसाली, सेंदुल, जलकुर और भौंगा में 36-36 मीटर स्पान के पुल बनेंगे। साथ ही पेट्रोल पंप, पार्किंग, होटल, ढाबे, व्यू प्वाइंट, शौचालय समेत सुविधाएं भी विकसित की जाएगी।
ईई केएस नेगी का कहना है कि झील क्षेत्र में रिंग रोड निर्माण को तीन हजार चार सौ करोड़ की डीपीआर शासन को भेज दी गई है। इस संबंध में शासन स्तर पर वार्ता भी हो रही है। विधायक धन सिंह नेगी का कहना है कि सरकार झील को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने को निरंतर प्रयास कर रही है। शासनस्तर से रिंग रोड की डीपीआर को स्वीकृति दिलाई जाएगी।