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Uttarakhand News: आरटीआई : आवेदन शुल्क शून्य दिखने पर जवाब नहीं देते सूचना अधिकारी, आयोग ने दिए निर्देश

Wed, 17 Jun 2026 12:22 PM IST
Renu Saklani अमित शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

कई लोक प्राधिकरणों में सूचना अधिकारी शुल्क के कॉलम में शून्य फीस दिखने पर यह मान लेते हैं कि सूचना पाने के लिए निर्धारित फीस नहीं चुकाई गई है। अपील के दौरान भी वे सूचना न देने के पीछे यही कारण बताते हैं।

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सूचना का अधिकार (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सूचना के अधिकार के अंतर्गत किए गए आवेदन में शुल्क शून्य दिखने पर सूचना अधिकारी जवाब ही नहीं देते। सूचना आयोग ने सूचना अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सूचना देने से इन्कार करने से पहले आवेदकों की श्रेणी जांच लें।

सूचना के अधिकार के अंतर्गत किसी विभाग से सूचना पाने के लिए 10 रुपये की निर्धारित फीस चुकानी पड़ती है लेकिन निम्न आय वर्ग (बीपीएल) के आवेदकों के लिए यह शुल्क माफ है। ऐसे आवेदकों के ऑनलाइन आवेदनों में शुल्क के कॉलम में शून्य भुगतान दिखाई देता है।

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राज्य सूचना आयोग ने पाया है कि अनेक लोक प्राधिकरणों में सूचना अधिकारी शुल्क के कॉलम में शून्य फीस दिखने पर यह मान लेते हैं कि सूचना पाने के लिए निर्धारित फीस नहीं चुकाई गई है। अपील के दौरान भी वे सूचना न देने के पीछे यही कारण बताते हैं।

बीपीएल श्रेणी के आवेदकों को फीस से माफी के लिए बीपीएल कार्ड या निम्न आय का प्रमाणपत्र देना पड़ता है। इसे पोर्टल पर अपलोड भी करना होता है। राज्य सूचना आयोग ने निर्देश दिया है कि शून्य फीस दिखने की स्थिति में सूचना अधिकारी जवाब देने से इन्कार करने के पहले आवेदक की श्रेणी की स्थिति पता करें। आयोग ने बीपीएल श्रेणी के आवेदकों के आवेदन निरस्त न करने का सुझाव दिया है।

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बढ़े लंबित मामले

सूचना अधिकारियों के इस रुख के कारण सूचना अधिकार के अंतर्गत लंबित मामलों की संख्या बढ़ गई है। सूचना अधिकार के पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार फरवरी 2024 से अब तक 54 हजार से अधिक लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से सूचना पाने के लिए आवेदन किया है। इसमें 40 हजार से अधिक लोगों को जवाब मिल चुका है लेकिन करीब 14 हजार आवेदन अभी भी लंबित हैं। लंबित मामलों में ऐसे मामले शामिल हैं जिसमें बीपीएल आवेदकों ने कोई फीस नहीं चुकाई। हालांकि, सूचना आयोग के अधिकारियों के अनुसार लंबित मामलों में बड़ी संख्या में ऐसे मामले शामिल हैं जिसमें सूचना तो दे दी गई है लेकिन आरटीआई के ऑनलाइन पोर्टल पर उसे अपडेट नहीं किया गया है।

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