जौनसार बावर स्थित उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते ऊपरी मंजिल की कक्षाओं तक जाने वाले आम रास्ते का पुस्ता (दीवार) भरभराकर ढह गया। गनीमत रही कि यह हादसा देर रात हुआ, जिससे एक बड़ा नुकसान टल गया। हालांकि, इस घटना से विद्यालय में अध्ययनरत 350 से अधिक छात्र-छात्राओं और ठीक नीचे स्थित पाठन बस्ती के मकानों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया। विद्यालय प्रशासन ने एहतियातन प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी है।
मंगलवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण विद्यालय परिसर में यह पुस्ता अचानक ढह गया। दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल विद्यालय प्रशासन को सूचना दी। खतरे को देखते हुए प्रभावित स्थान पर रात में ही तिरपाल लगाया गया, ताकि पाठन बस्ती की ओर मलबा गिरने से रोका जा सके।
अगली सुबह पीटीए अध्यक्ष प्रवीन चौहान, पूर्व पीटीए अध्यक्ष डॉ. नीलम चौहान और प्रधान प्रतिनिधि बिरेंद्र लाल समेत अन्य लोगों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जनप्रतिनिधियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और आपदा प्रबंधन विभाग को घटना की जानकारी दी।
कमजोर हो चुका था पुस्ता, बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाए कदम
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य राघवेंद्र वर्मा ने बताया कि लगातार बारिश के कारण पुस्ता कमजोर होने की आशंका पहले से ही बनी थी, लेकिन देर रात यह पूरी तरह जमींदोज हो गया। सुरक्षा के दृष्टिगत कक्षा छह से आठ तक के बच्चों के लिए सबसे अधिक जोखिम वाले क्षेत्र में जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं, उसी ओर संचालित होने वाले मिड-डे मील कक्ष को भी एहतियातन सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि छात्र-छात्राओं और बस्ती की सुरक्षा के मद्देनजर पुस्ते के जल्द से जल्द पुनर्निर्माण की आवश्यकता है। इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग और खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है।