सफेदपाशों से जुड़े मामले किस तरह दबा दिए जाते हैं, इसका उदाहरण्ा उत्तराखंड के राजाजी पार्क में देखा जा सकता है।
छह माह पहले पार्क की गौहरी रेंज में एक रिजॉर्ट के निर्माण का मामला सामने आया था। प्रकरण की जांच प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव को सौंपी गई, लेकिन छह माह बाद भी जांच फाइनल नहीं हुई है।
फरवरी 2013 में इस मामले का खुलासा अमर उजाला ने किया था। प्रमुख वन संरक्षक डा. आरबीएस रावत ने जांच अपर प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव एसके दत्ता को सौंपी थी। खास बात यह थी कि पार्क और वन विभाग के ही कुछ उच्चाधिकारियों के इशारे पर यहां निर्माण किया गया था।
इससे पहले भी यहां कुछ रिजॉर्ट बनाए जा चुके हैं। सूत्रों की मानें तो मामले को दबाने के लिए ही जांच की खानापूर्ति की गई। इसकी रिपोर्ट कभी आएगी ही नहीं। यह भी बता दें कि यह रिजॉर्ट एक सफेदपोश का था। सूत्रों के मुताबिक उसके दबाव में ही जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई है।
एक माह तक मैं विदेश में था। इसके कारण जांच रिपोर्ट बनाने में देरी हुई है। अब जल्द ही जांच फाइनल करके रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी जाएगी।
- एसके दत्ता, अपर प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव
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