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Dehradun News: पिछले ग्यारह साल से आपदा का दंश झेल रहे साहिया के निवासी

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अमलावा नदी की दोनों और बसा साहिया बाजार पिछले 11 साल से आपदा का दंश झेल रहा है। अब तक 35-40 परिवार बेघर हो चुके हैं, जबकि 200 से अधिक मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंच चुकी है। हर साल अमलावा नदी में आने वाली बाढ़ से नुकसान हो रहा है लेकिन सरकार या संबंधित विभागों के पास नुकसान की भरपाई को कोई योजना नजर नहीं आ रही है।
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मौजूदा बरसात के मौसम में अमलावा नदी में आई बाढ़ ने साहिया स्थित सामुदायिक भवन, राजकीय इंटर काॅलेज, राजकीय प्राथमिक विद्यालय के भवनों के लिए खतरा पैदा कर दिया था। इसके अलावा साहिया-समाल्टा मोटर मार्ग के एक हिस्से को भी व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया था। कई दिनों तक मार्ग को आवाजाही के लिए बंद भी करना पड़ा था।
2013-14 में अमलावा नदी में आए तेज बहाव के पानी व मलबे ने 50 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचाया था, जबकि 17 परिवार बेघर हो गए थे। इसी प्रकार से 2017 में छह परिवार बेघर हुए थे जबकि 21 मकानों को नुकसान हुआ था। 2019 में एक बार फिर से अमलावा ने क्षेत्रवासियों पर कहर बरपाते हुए 13 मकान, आठ पनचक्कियों को नुकसान पहुंचाया था।
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2013 में क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह ने 20 लाख रुपये अपनी विधायक निधि से देने के साथ ही तत्कालीन सरकार से 6 करोड़ रुपए बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए स्वीकृत कराए थे। लेकिन कार्य अधिक होने के कारण उपलब्ध बजट से कम ही काम मौके पर कराया जा सका।
2022 में एक बार फिर से चार करोड़ रुपये बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए स्वीकृत हुए, जिनमें से तीन करोड़ रुपये की एस्टीमेट की फाइलें सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं।

बयान...
अमलावा नदी के दोनों किनारों पर बाढ़ सुरक्षा के कार्य कराए जाने हैं, जिनके एस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिए गए हैं। बजट स्वीकृत होने पर कार्य प्रारंभ कराए जाएंगे। - पीएन राय, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
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ग्रामीणों के बयान...
अमलावा नदी में हर साल आने वाली आपदा से बड़े पैमाने पर नुकसान होता है। घर मकान से लेकर सड़कें, पानी लाइन आदि टूट जाती हैं। प्रशासन को संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्य योजना बनानी चाहिए। - सतपाल सिंह राय, साहिया

इस बार अमलावा ने सरकारी भवनों के लिए खतरा पैदा कर दिया था। यदि बरसात से पहले सुरक्षा के सभी कार्यों को गंभीरता से लिया जाए तो इस प्रकार की स्थिति से बचा जा सकता है। - विक्रम सिंह राय, साहिया

बाजार व आवासीय क्षेत्र की सुरक्षा के लिए नदी के दोनों किनारों पर वृहद स्तर पर सुरक्षा के कार्य कराए जाने की मांग कई साल से की जा रही है लेकिन विभाग व प्रशासन सुनने को तैयार ही नहीं है। - मोहनलाल शर्मा, पूर्व प्रधान, साहिया
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