कैबिनेट ने कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की अध्यक्षता में गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की सिफारिश पर सीधी भर्ती के नए रोस्टर को खत्म कर पुराना रोस्टर लागू करने का फैसला लिया। इधर, फैसला हुआ और कुछ ही घंटों में कार्मिक एवं सतर्कता विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए। इतना ही नहीं कार्मिक विभाग ने सभी राजकीय सेवाओं में लोकसेवा आयोग के दायरे में आने वाले सीधी भर्ती के आरक्षित पदों के बैकलाग को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने के आदेश भी दिए।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव की चुनौती का सामना कर रही प्रदेश सरकार ने जनरल ओबीसी कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल तुड़वाने के लिए प्रमोशन पर लगी रोक हटा दी। प्रमोशन में आरक्षण को लेकर अदालत की रोक के चलते प्रदेश सरकार ने प्रमोशन पर रोक लगा रखी थी। प्रमोशन में आरक्षण खत्म करने से जहां जनरल ओबीसी कर्मचारियों के चेहरे खिल उठे तो एससी एसटी कर्मचारी भड़क गए। उनकी नाराजगी को कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने 12 घंटे के अंदर आरक्षित वर्ग को खुश करने के लिए दो अहम फैसले लिए।
जनरल ओबीसी कर्मचारियों के विरोध के बावजूद प्रदेश सरकार ने सीधी भर्ती के पदों पर पुराना रोस्टर लागू कर दिया। 11 सितंबर 2019 को प्रदेश सरकार ने जो नया रोस्टर जारी किया था, उसमें पहला पद सामान्य वर्ग के लिए रखा गया था। पहले पद से अनुसूचित जाति को हटाकर उसे छठे स्थान पर और अनुसूचित जनजाति को 24 वें से 25वें स्थान पर कर दिया था। इससे आरक्षित वर्ग के कर्मचारी उद्वेलित थे और उन्होंने सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ रखा था।
प्रदेश सरकार ने उनके गुस्से को शांत करने के लिए सीधी भर्ती के रोस्टर में अनुसूचित जाति का पहला पद तय कर दिया है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने आदेश जारी किए। जारी आदेश में कहा गया है कि राजकीय सेवाओं, शिक्षण संस्थाओं, सार्वजनिक उद्यमों, निगमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं के तहत सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाने वाले पदों पर सभी वर्गों को समान प्रतिनिधित्व एवं अवसर देने के उद्देश्य से रोस्टर नीति में संशोधन किया गया है।
रोस्टर नीति के संबंध में अलग से आदेश जारी करने को कहा गया है। इसके अलावा अपर मुख्य सचिव ने राजकीय सेवाओं में लोक सेवा आयोग के दायरे वाले पदों के बैकलाग को भरने के लिए विशेष अभियान चलाने का आदेश दिए और इस संबंध में विभाग को सूचना उपलब्ध कराने को कहा।
हमारी एक मांग पूरी हुई। रोस्टर में छेड़छाड़ से एससी-एसटी कर्मचारी आहत थे। हम मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडलीय उपसमिति के अध्यक्ष मदन कौशिक, सदस्य सुबोध उनियाल और रेखा आर्य को धन्यवाद करती है। लेकिन प्रमोशन में आरक्षण की मांग को दरकिनार कर सरकार ने आरक्षित वर्ग के हितों पर कुठाराघात किया है। इस मांग को लेकर हमारी जंग जारी रहेगी।
- करम राम, प्रदेश अध्यक्ष, एससी एसटी इंप्लाइज फेडरेशन