प्रमोशन में आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। उत्तराखंड जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन की हाई पावर संयोजक मंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। एसोसिएशन ने विश्वास जताया कि वकीलों की ओर से दी गई दलीलों के आधार पर न्यायालय का फैसला कर्मचारियों के हित में आएगा।
बृहस्पतिवार को तहसील चौक स्थित एक होटल में आयोजित बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष दीपक जोशी ने की। बैठक में विभिन्न कर्मचारी संघों व परिसंघों के पदाधिकारियों के साथ प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ अगली रणनीति पर विचार विमर्श किया गया। एसोसिएशन का कहना है कि प्रमोशन में आरक्षण मामले की सुनवाई कर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। न्यायालय का निर्णय के अनुरूप ही आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
बैठक से पहले हाई पावर संयोजक मंडल का गठन किया गया। जिसमें राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष ठाकुर प्रहलाद सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष नंद किशोर त्रिपाठी, शक्ति प्रसाद भट्ट, कार्यकारी महासचिव अरुण पांडे, चौधरी ओमवीर सिंह, पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन के अध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार, महामंत्री पंचम सिंह बिष्ट, पूर्णानंद नौटियाल को पदेन सदस्य बनाया गया।
मिनिस्टीरियल महासंघ के अध्यक्ष सुनील कोठारी, राजकीय वाहन चालक संघ के अध्यक्ष अनंत राम शर्मा, महामंत्री संदीप मौर्य, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के महामंत्री बनवारी सिंह रावत, बालम सिंह नेगी, गोविंद सिंह, रमेश रमोला समेत अन्य संघों के पदाधिकारियों को पदेन सदस्य बनाया गया। नौ फरवरी को कोटद्वार में आयोजित होने वाले गढ़ क्रांति सम्मेलन में भाग लेने के लिए सभी सदस्यों ने सहमति जताई। बैठक में एसोसिएशन के मुख्य प्रांतीय सलाहकार वीपी नौटियाल, प्रेम प्रकाश शैली, वीरेंद्र सिंह गुसाईं, बीके धस्माना, सीएल असवाल, राकेश प्रसाद आदि मौजूद रहे।