राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ अब आंदोलन करो या मरो की नीति पर होगा। परिषद ने सभी जिला अध्यक्षों को जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन की महारैली में बढ़-चढ़कर शिरकत करने का आह्वान किया। मंगलवार को देहरादून स्थित विकास भवन में परिषद की हाई पावर कोर कमेटी की बैठक में प्रमोशन से रोक न हटाए जाने पर नाराजगी जाहिर की गई। कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद भी सरकार रोक हटाने से हिचक रही है।
उन्होंने आगाह किया कि प्रमोशन में आरक्षण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार से मांग की गई कि वह योग्यता और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति के आदेश जारी करे। बैठक में ठाकुर प्रहलाद सिंह, नंद किशोर त्रिपाठी, शक्ति प्रसाद भट्ट, राकेश प्रसाद ममगाईं, गुड्डी मटूड़ा, एसपी सेमवाल, चौधरी ओमवीर सिंह, अनिल बांगा, जगदीश कुमार गुसांई, गिरिजा नंद सेमवाल, सत्यपाल, बबली नेगी, इंद्र मोहन कोठारी, सुभाष चंद्र शर्मा कई अन्य परिषद नेता मौजूद थे।
पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन ने भी कसी कमर
उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन ने भी महारैली की कामयाबी के लिए कमर कस ली है। मंगलवार को यमुना कालोनी स्थित संघ भवन में संगठन की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक में संगठन से जुड़े सभी कर्मचारी संघों और परिसंघों को 20 फरवरी को महारैली में जुटने की अपील की गई। बैठक में संघों और परिसंघों के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया। संगठन के प्रदेश महामंत्री पंचम सिंह बिष्ट के अनुसार, महारैली में कर्मचारी बड़ी संख्या में जुटेंगे और अपनी ताकत का एहसास कराएंगे।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सरकार को किसी राजनीतिक दबाव में नहीं आना चाहिए। पदोन्नति से तत्काल रोक हटाई जाए। बैठक में सभी संघों व परिसंघों पदाधिकारियों का आह्वान किया गया कि वे 20 फरवरी को सुबह 10.30 बजे परेड मैदान में पहुंच जाएं। बैठक में सुनील दत्त कोठारी, पीएन नौटियाल, संदीप मौर्य, अनंतराम शर्मा, बनवारी सिंह रावत, गोविंद प्रसाद बछेती, राय सिंह रौतेला विक्रम सिंह नेगी, रमेश रमोला समेत कई अन्य कर्मचारी नेता उपस्थित थे।