आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कर्मचारियों ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर एक मेडिकल डेस्क भी बनाई। इस डेस्क के माध्यम से कर्मचारियों को मास्क बांटे गए और सैनिटाइजर दिए गए। खांसी, जुकाम या वायरल से पीड़ित कर्मचारियों से घर पर रहने की अपील की गई।
जो हड़ताल में नहीं आएंगे, उनके फोटो टांगेंगे
धरनास्थल पर सभा के दौरान कर्मचारी नेताओं ने उन जनरल ओबीसी कर्मचारियों को चेतावनी दी कि यदि वे दफ्तर में बैठकर काम करेंगे और हड़ताल में शामिल नहीं होंगे, तो उनके फोटो खींचकर उन्हें धरना स्थल पर टांगा जाएगा।
परिवार के सदस्यों के साथ आज देंगे धरना
मंगलवार को जनरल ओबीसी कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल में उनके परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे। सभा में आंदोलन के प्रांतीय नेतृत्व की ओर से कर्मचारियों का आह्वान किया गया कि वे पारिवारिक सदस्यों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे।
शासनादेश के बाद ही होगा विचार
जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि प्रमोशन पर लगी रोक हटाने को लेकर शासनादेश जारी होने के बाद एसोसिएशन हड़ताल वापस लेने पर विचार करेगी।
आम जनता के लिए जारी की अपील
उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने आम जनता के बीच एक अपील जारी की। जिसमें यह बताने का प्रयास किया कि एसोसिएशन को अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का फैसला क्यों करना पड़ा? अपील में कहा गया कि ये आंदोलन किसी जाति, मजहब के खिलाफ नहीं है। न ही वेतन भत्तों की मांग को लेकर है। एसोसिएशन न यह आंदोलन प्रमोशन पर अकारण रोक लगाए जाने के खिलाफ छेड़ा है। सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद भी सरकार ने रोक नहीं हटाई है। जनता से एसोसिएशन ने आम जनता से सहयोग की अपील की है।