हड़ताली कर्मचारियों के अति आवश्यक सेवाओं को ठप करने की चेतावनी के बीच शासन स्तर पर आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियिम (एस्मा) को लेकर भी चर्चाएं गरमा उठी हैं।
सूत्रों का कहना है कि सरकार हड़ताली कर्मचारियों से निपटने को एस्मा लागू कर सकती है। यह निर्णय सरकार बृहस्पतिवार को हड़ताल के असर को आंकने के बाद ले सकती है। बेमियादी हड़ताल पर जाने के समय भी सरकार ने पहले दिन अपील करने के बाद दूसरे दिन सुबह ही नो वर्क नो पे का फरमान जारी कर दिया था।
इस समय प्रदेश के सामने कोरोना का भी संकट है। कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। ऐसी कोई आपात स्थिति नहीं है कि कर्मचारियों को तन्ख्वाह न मिल रही हो। कर्मचारियों को राज्य हित के बारे में पहले सोचना चाहिए। आपातकालीन सेवाओं को बंद करने की यदि बात कह रहे हैं तो वह ठीक नहीं है।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
हम सरकार से लगातार अपील कर रहे हैं कि हर महीने बड़ी संख्या अफसर कर्मचारी बिना प्रमोशन के सेवानिवृत्त हो रहे हैं। प्रमोशन में रोक के कारण उनका अहित हो रहा है। सरकार बगैर आरक्षण प्रमोशन से रोक हटा दे, जनरल ओबीसी कर्मी काम पर लौट जाएंगे। कर्मचारियों को भी हड़ताल पर जाना अच्छा नहीं लग रहा है।
- दीपक जोशी, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन