प्रदर्शन करने वालों में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के ठाकुर प्रहलाद सिंह, अरुण पांडेय, मिनिस्टीरियल फेडरेशन के पूर्णानंद नौटियाल, सचिवालय संघ के राकेश जोशी, पंचम सिंह बिष्ट, वीएस रावत, शक्ति प्रसाद भट्ट, ठाकुर लखन सिंह रावत, जीतमणी पैन्यूली, अखिल भारतीय समानता मंच के वीपी नौटियाल, श्याम लाल शर्मा, जेपी कुकरेती, आशुतोष सेमवाल, वीके धस्माना, दिनेश डोभाल समेत कई अन्य कर्मचारी नेता मौजूद थे।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन में महिला कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। हरिद्वार और चंपावत को छोड़कर सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन का कार्यक्रम हुआ। दोनों जनपदों में बाद में कार्यक्रम होगा।
उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले का विरोध करने पर प्रदेश के कर्मचारियों में कांग्रेस अध्यक्ष व अन्य नेताओं के खिलाफ जबर्दस्त गुस्सा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पदोन्नति पर रोक नहीं हटाई तो 14 फरवरी को सभी अधिकारी कर्मचारी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन करेंगे। 20 फरवरी को महारैली होगी और उसी दिन प्रदेशव्यापी हड़ताल का एलान किया जाएगा।