उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर सभी जिलों में जनरल ओबीसी कर्मचारियों ने जिलों के पुलिस कप्तानों को ज्ञापन सौंपे। उन्होंने मांग की कि एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों का पटाक्षेप किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी पदाधिकारी की गिरफ्तारी का कुचक्र रचा गया तो वे सड़कों पर उतर कर जेलें भर देंगे।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने प्रमोशन में आरक्षण के आंदोलन के दौरान हुई सभा में असंवैधानिक भाषा का इस्तेमाल किया। इस मामले में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ उत्तराखंड एससी एसटी इंप्लाइज फेडरेशन ने पुलिस में एससी एसटी एट्रोसिटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
एसोसिएशन ने फेडरेशन के इस कदम का विरोध किया। एसोसिएशन का आरोप है कि एससी एसटी एट्रोसिटी एक्ट के तहत फर्जी मुकदमे दर्ज कर प्रदेश अध्यक्ष व अन्य सदस्यों को फंसाने की साजिश की जा रही है। इस संबंध में एसोसिएशन देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पहले ही ज्ञापन सौंप चुकी है।
एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव वीरेंद्र सिंह गुसाईं के मुताबिक प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत मंगलवार को सभी जिलों में एसोसिएशन की जिला इकाइयों के पदाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों के पुलिस कप्तानों से मुलाकात की और मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपे।
इस दौरान उन्होंने सभी से मांग की कि वे मुकदमों का पटाक्षेप कर प्रकरण को समाप्त करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी पदाधिकारी की गिरफ्तारी की कोशिश की गई तो कर्मचारी चुप नहीं बैठेंगे। वे कोविड-19 के बेहद संवेदनशील दौर के बावजूद सड़कों पर उतरकर आंदोलन को बाध्य होंगे और गिरफ्तारियां देंगे।