झिलमिल झील के बारहसिंगा दूधवा नेशनल पार्क लखीमपुर खीरी उत्तरप्रदेश से यहां आए थे। गुरुकुल कांगड़ी विवि के शोध छात्र के बारहसिंगा के डीएनए विश्लेषण के आधार पर तैयार किया गया शोध पत्र में यह तथ्य सामने आए है।
इस शोध के छात्र अजीत सिंह को उत्तराखंड काउंसिल फोर साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने यंग साइंस्टिस्ट अवार्ड से सम्मानित किया है। गुरुकुल विवि के जाने माने वन्य जीव व पक्षी विशेषज्ञ प्रो. दिनेश भट्ट व वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. एसके गुप्ता के संयुक्त निर्देशन में छात्र ने यह शोध किया।
जिसमें झिलमिल झील के बारहसिंगा यानी ‘स्वैम्प डीयर’ के जेनेटिक एनालिसिस (विश्लेषण) किया गया है। गुरुकुल कांगड़ी विवि में जंतु एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग के शोध छात्र अजीत सिंह की झील के बारहसिंगा पर डीएनए एनालिसिस की पहली रिपोर्ट है।