जिलाधिकारी डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि परेड में इस बार उद्यान विभाग, एमडीडीए, एसडीआरएफ, स्मार्ट सिटी, आईसीडीएस, उरेडा, एनआरएलएम, उद्योग, स्वास्थ्य आदि विभागों की झांकियां हैं। कार्यक्रम में इस वर्ष फ्रंट लाइन कोविड वर्कर्स को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है।
केवल संस्कृति विभाग की ओर से ही प्रदर्शित किए सांस्कृतिक कार्यक्रम
सेना, पीएससी, पुलिस और होमगार्ड की रैतिक परेड भी हुई। इस दौरान संक्षिप्त सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल संस्कृति विभाग की ओर से ही प्रदर्शित किए गए। आयोजन में ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से ही दर्शकों को प्रवेश दिया गया है।
लोगों को ऑनलाइन पंजीकरण की प्रति अपने साथ लेकर आनी थी। डीएम ने सभी दर्शकों से कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 के सुरक्षा मानकों, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन का ध्यान रखने की अपील की है।
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने प्रदेशवासियों से गणतंत्र दिवस पर न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के प्रति संकल्प को दोहराने का आग्रह किया है।
शुभकामना संदेश में राज्यपाल ने कहा कि गणतंत्र दिवस महात्मा गांधी और संविधान के प्रमुख शिल्पी बाबा साहब आंबेडकर सहित सभी महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं, देश की सीमाओं की रक्षा तथा आंतरिक सुरक्षा के लिये दिन-रात तैनात रहने वाले सेना और सुरक्षा बलों के जवानों को नमन करने का दिन है।
राज्यपाल ने कहा कि पिछला एक वर्ष कोरोना महामारी के कारण सभी के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। इस महामारी के खिलाफ उत्तराखंड सहित पूरे देश ने आत्मविश्वास और संकल्प का प्रदर्शन किया। 16 जनवरी से विश्व का सबसे बड़ा कोविड टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हो चुका है। उत्तराखंड में भी कोविड के मामलों में बहुत कमी आई है।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड की खुशहाली के लिए जरूरी है कि यहां की महिलाओं, युवाओं, किसानों, व्यापारियों सहित सभी वर्गों और समुदायों के लोगों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिले। प्रदेश सरकार ने आत्म निर्भर उत्तराखंड का निर्माण करने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं।
राज्यपाल ने कहा है कि प्रदेश की ग्रामीण जनता को बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य की मूलभूत सुविधाएँ आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए। कोविड-19 की चुनौती के बीच राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी कई कार्य किए गए।
हरिद्वार कुंभ के लिए शासन के स्तर पर तैयारी की जा रही हैं। राज्यपाल ने कहा कि अब जरूरत है कि हमारी युवा पीढ़ी नई प्रगतिशील सोच के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और मूल्यों को आत्मसात करते हुए नव भारत के निर्माण में शत-प्रतिशत योगदान दे।
गणतंत्र दिवस पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में ध्वजारोहण किया। बागेश्वर पुलिस लाइन में प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने तिरंगा फहराया व परेड की सलामी ली। सेनानियों की वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया।
हल्द्वानी के बहुउद्देशीय भवन में सीओ बीएस धोनी ने झंडारोहण किया। हल्द्वानी कोतवाली में झंडारोहण के उपरांत कोतवाल संजय कुमार ने शपथ दिलाई। हल्द्वानी के एसडीएम कोर्ट में सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह व एसडीएम विवेक राय ने झंडारोहण किया। हल्द्वानी नगर निगम प्रांगण में नगर आयुक्त चंद्र सिंह मर्तोलिया ने कर्मचारियों को संबोधित किया। हल्द्वानी के स्वराज आश्रम में नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर इंदिरा हृदयेश ने झंडारोहण किया।
रुद्रपुर में गणतंत्र दिवस पर डीएम रंजना राजगुरु ने कलक्ट्रेट में झंडारोहण किया व शपथ दिलाई। रानीखेत में संयुक्त मजिस्ट्रेट अपूर्व पांडेय ने झंडारोहण किया। टनकपुर में पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल, चेयरमैन विपिन वर्मा ने झंडारोहण किया। बाजपुर में शहीद ऊधमसिंह कांबोज चौक पर ध्वजारोहण किया गया। गणतंत्र दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ, नई दिल्ली में उत्तराखण्ड राज्य की ओर से 'केदारखंड' की झांकी प्रदर्शित की गई। राजपथ पर जब उत्तराखण्ड राज्य की झांकी निकली तो तालियों की गड़गडाहट से लोगों ने स्वागत किया।
उत्तराखण्ड सूचना विभाग के उपनिदेशक/झांकी के टीम लीडर केएस चौहान के नेतृत्व में 12 कलाकारों के दल ने भी झांकी में अपना प्रदर्शन किया। झांकी का थीम सांग 'जय जय केदारा' है।
उत्तराखण्ड राज्य की झांकी के अग्रभाग में उत्तराखण्ड का राज्य पशु ‘कस्तूरी मृग‘ दर्शाया गया, जो कि उत्तराखण्ड के हिम शिखरों में 3600 से 4400 मीटर की ऊंचाई पर पाया जाता है। इसी प्रकार से उत्तराखण्ड का राज्य पक्षी ‘मोनाल’ एवं राज्य पुष्प ‘ब्रह्मकमल’ दिखाया गया, जो केदारखण्ड के साथ-साथ उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है।
झांकी के मध्य भाग में भगवान शिव के वाहन नंदी को दर्शाया गया है तथा साथ में केदारनाथ धाम में यात्रियों को यात्रा करते हुए भक्ति में लीन दर्शाया गया। झांकी के पृष्ठ भाग में बारह ज्योर्तिलिंगों में से एक बाबा केदार का भव्य मंदिर दर्शाया गया है।