04 बुल्लावाला में शहीद स्मारक पर शहीद ऊधम सिंह कांबोज की प्रतीमा पर माल्यार्पण करते लोग।
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मारखम ग्रांट बुल्लावाला में शहीद उधमसिंह कंबोज की 123वीं जयंती मनाई गई। इस मौके पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। शहीद उधमसिंह कंबोज ने जलियावाला कांड के दोषी को लंदन में जाकर गोली मारी थी। युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।
रविवार को बुल्लावाला में शहीद स्मारक पर शहीद उधम सिंह कंबोज की प्रतिमा पर लोगों ने पुष्प चढ़ाकर उन्हें नमन किया। अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य परमिंदर सिंह बाउ ने कहा कि बैसाखी के दिन 1919 को हुए जलियावाला बाग कांड में जनरल डायर ने निहत्थे लोगों पर गोलियां चलवाई थीं। इस घटना से उधम सिंह व्यथित हो गए। उन्होंने बदला लेने का प्रण किया। अपने मिशन को अंजाम देने के लिए उधम सिंह अफ्रीका, नैरोबी, ब्राजील और अमेरिका गए। सन 1934 में उधम सिंह ने लंदन पहुंचकर लक्ष्य पूरा करने का इंतजार किया। 13 मार्च 1940 को लंदन की रॉयल सेंट्रल एशियन सोसायटी के हाल में जहां डायर पहुंचा था। एक मोटी किताब में रिवाल्वर लेकर आए और बैठक के बाद डायर को गोली मार कर बदला लिया। दून कंबोज सभा के सह सचिव मनोज कंबोज ने कहा कि डायर की हत्या करने के बाद शहीद उधम सिंह भागे नहीं और गिरफ्तार हो गए। 31 जुलाई 1940 को शहीद उधम सिंह को फांसी दी गई। श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र तडियाल, विजय कुमार, जगदीश कंबोज, नरेंद्र सिंह नेगी और सुंदर लोधी आदि मौजूद थे।