वर्षों से था छिवाला में आना-जाना
बताया जा रहा है कि छिवाला गांव में पादरी की टीम का आना-जाना वर्षों से था। यहां गुपचुप तरीके से प्रार्थना सभाएं हो रही थीं। ये लोग अपने धर्म से संबंधित साहित्य भी गांव में वितरित कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, गांव निवासियों के मूल धर्म को लेकर कई तरह के भ्रम भी फैलाए जा रहे थे। लिहाजा, ग्रामवासियों ने इन पर भरोसा करना शुरू कर दिया।
कई परिवारों का किया गया धर्मांतरण
पुरोला का छिवाला कम आबादी वाला गांव है। यहां उत्तराखंड मूल के निवासियों के साथ-साथ नेपाल मूल के लोग भी रहते हैं। इन सभी को तरह-तरह के लालच दिए जा रहे थे। ज्यादातर गांव वाले इस प्रलोभन में आ गए और धर्म परिवर्तन करा भी लिया। स्थानीय प्रशासन अब पूरे गांव पर नजर बनाए हुए है।
धर्मांतरण की सूचनाओं को गंभीरता से लेने के निर्देश
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को धर्मांतरण की शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं। जनभावनाओं से जुड़े इस मुद्दे को लेकर जो भी शिकायत आए उस पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।
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मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द से जल्द कार्रवाई करने को भी कहा गया है। जिले में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भी पुलिस को निर्देशित किया गया है।
-वी मुरुगेशन, एडीजी, कानून व्यवस्था एवं पुलिस प्रवक्ता