- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पलटा निचली अदालत का आदेश
- विशिष्ट आरोप और महिला हेल्पलाइन की जांच में पुष्टि न होने पर लिया निर्णय
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संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने सोमवार को कनखल (हरिद्वार) के गुरुबक्श विहार निवासी रामअवतार शर्मा और रीता शर्मा को दहेज उत्पीड़न मामले से राहत दे दी। हरबर्टपुर निवासी उर्वशी के ससुर-सास के विरुद्ध निचली अदालत का 17 अगस्त का आदेश निरस्त किया गया।
कनखल निवासी गौरव शर्मा, उनके पिता रामअवतार शर्मा और माता रीता शर्मा ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के 17 अगस्त के आदेश के खिलाफ निगरानी दाखिल की थी। मजिस्ट्रेट ने वर्ष 2017 के मुकदमे में आरोप तय करने का आदेश दिया था। न्यायालय ने निगरानी आंशिक रूप से स्वीकार की। न्यायाधीश ने पाया कि एफआईआर में मारपीट की धमकी और दबाव के आरोप पति गौरव पर हैं। सास-ससुर पर दहेज मांगने या उत्पीड़न का कोई विशिष्ट आरोप, तिथि या स्थान दर्ज नहीं है।
महिला हेल्पलाइन की जांच रिपोर्ट में भी सास-ससुर के खिलाफ आरोप की पुष्टि नहीं हुई। एकत्र साक्ष्यों में भी उनके विरुद्ध प्रथम दृष्टया कुछ नहीं मिला। न्यायालय ने कहा कि सामान्य और सर्वव्यापी आरोपों पर मुकदमा चलाना कानून का दुरुपयोग माना गया।
इसी आधार पर रामअवतार और रीता शर्मा के संबंध में निचली अदालत का आदेश रद्द हुआ। गौरव शर्मा के खिलाफ निगरानी खारिज कर दी गई, उन पर मुकदमा जारी रहेगा।