उत्तराखंड के साढे़ छह लाख पेयजल उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। अपने निवास पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग का इंतजाम करने पर उन्हें पानी के बिल में दस फीसदी की छूट मिलेगी। राज्य सरकार इस संबंध में जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाने जा रही है।
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के प्रमोशन के लिए यह सरकार का अब तक का सबसे बड़ा निर्णय होगा। पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने इसकी पुष्टि की है। पंत के अनुसार, प्रस्ताव लगभग तैयार कर लिया गया है, जल्द ही यह कैबिनेट में लाया जाएगा। इसके अलावा, ये भी कोशिश की जा रही है कि सभी मंत्रियों समेत अफसरों के आवास, कार्यालयों में भी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की अनिवार्य तौर पर व्यवस्था की जाए। मंत्री ने अपने सरकारी आवास पर इसके लिए बाकायदा शुरुआत भी कर दी है।
यह है पानी के बिल का सिस्टम
उत्तराखंड में 92 नगरीय क्षेत्र हैं। शहरों में पानी के बिल की व्यवस्था हाउस टैक्स पर आधारित है। हाउस टैक्स के आधार पर अलग-अलग टैरिफ तय की गई है। कुल नौ श्रेणियां हैं। शहर में प्रति दिन 135 लीटर प्रति व्यक्ति पानी उपलब्ध कराने का मानक है। चूंकि गांवों में हाउस टैक्स नहीं लगता, इसलिए पानी की टोंटियों के हिसाब से पानी के बिल की व्यवस्था बनाई गई है। पूरे प्रदेश में 39360 ग्रामीण बस्तियां हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति दिन 40 लीटर प्रति व्यक्ति पानी उपलब्ध कराने का मानक है।
मंत्री के निवास पर होगा मॉडल सिस्टम
पेयजल मंत्री प्रकाश पंत के न्यू कैंट रोड स्थित सरकारी निवास पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग का सिस्टम तैयार होने लगा है। इस कार्य को देख रहे जल संस्थान के सहायक अभियंता एएम कंसल के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में 35 हजार लीटर स्टोरेज क्षमता का जलाशय बनाया जा रहा है। इसकी लागत करीब सवा सात लाख रुपये है।
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के अनेक फायदे
इस सिस्टम से पेयजल के अलावा तमाम अन्य कार्यों के लिए लंबे समय तक पानी उपलब्ध रह सकता है। यह बहुत खर्चीली व्यवस्था भी नहीं है। हालांकि मंत्री के निवास पर बहुत बड़ा सिस्टम तैयार हो रहा है, इसलिए उसकी लागत ज्यादा है, लेकिन यदि कोई पांच हजार लीटर क्षमता का जलाशय बनाना चाहे, तो वह 35 से 40 हजार रुपये में आसानी से बन जाएगा। इसी तरह, दस हजार लीटर क्षमता का जलाशय 60 हजार रुपये में तैयार हो सकता है।
भरपूर होती है उत्तराखंड में बारिश
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग लायक उत्तराखंड में भरपूर संभावनाएं मौजूद हैं। इसकी वजह, यहां पर मानसूनी बारिश जमकर होती है। हिमाचल प्रदेश में जहां मानसूनी बारिश 900 मि.मी. है, वहीं उत्तराखंड के संबंध में यह औसतन 1226 मि.मी रहता है।
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के प्रमोशन के लिए हम प्रभावी उपाय करने जा रहे हैं। जल मूल्य में दस फीसदी की छूट का प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जा रहा है। इसके अलावा, सरकारी इमारतों में अनिवार्य तौर पर इसका सिस्टम डेवलप करने की कोशिश भी की जा रही है। मैने अपने घर से इसकी शुरूआत कर दी है।
- प्रकाश पंत, पेयजल मंत्री