...तो काम न आई दबाव की रणनीति
मंत्री की ओर से कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद गिरधारी लाल साहू ने दबाव बनाने के लिए कई आरोप लगाए थे। वीडियो जारी कर गिरधारी ने कहा था कि मैंने तुम्हें इतना आगे बढ़ाया। तुम सड़क किनारे खड़ी एक महिला थीं। मैं सिर्फ इतना कह रहा था कि तुम मेरे खिलाफ दर्ज कराई गई आधारहीन शिकायत वापस ले लो। गिरधारी के इस बयान को मंत्री पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा गया और आशंका जताई जा रही थी कि इस मामले में आपसी समझौता हो सकता है लेकिन मंत्री रेखा आर्या ने जिस तरह एसआईटी को बयान दिए हैं उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि साहू की दबाव बनाने की रणनीति काम नहीं आई और मंत्री आर-पार की लड़ाई का मन बना चुकी हैं।
फॉरेंसिक जांच से खुलेगा एआई के दावे का राज
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू से जुड़े प्रकरण में वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक जांच से यह स्पष्ट होगा कि रिकॉर्डिंग असली है या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से तैयार की गई है। एसआईटी ने ऑडियो को अपने कब्जे में ले लिया है। अब इसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। इससे गिरधारी लाल साहू के उस दावे की भी जांच होगी, जिसमें उन्होंने ऑडियो को पूरी तरह फर्जी और एआई से तैयार किया हुआ बताया है।
रेखा आर्या की ओर से साझा किए गए इस ऑडियो में गिरधारी लाल साहू और एक अन्य महिला के बीच बातचीत होने का दावा किया गया है। बातचीत में कैबिनेट मंत्री को नुकसान पहुंचाने की साजिश से जुड़ी बातें शामिल हैं। ऑडियो में यह कहते हुए भी सुना जाने का दावा है कि रेखा आर्या को हमेशा मंत्री पद पर बने रहने का घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि वह हमेशा मंत्री नहीं रहेंगी। गिरधारी लाल साहू ने इन आरोपों से जुड़े ऑडियो को फर्जी बताते हुए इसे एआई से तैयार किया हुआ करार दिया है। ऐसे में एसआईटी की जांच में ऑडियो की प्रामाणिकता अहम कड़ी होगी। फॉरेंसिक विशेषज्ञ रिकॉर्डिंग की तकनीकी जांच कर यह पता लगाने में मदद करेंगे कि इसमें किसी तरह की छेड़छाड़ या कृत्रिम तरीके से आवाज तैयार किए जाने के संकेत हैं या नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही ऑडियो की विश्वसनीयता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।