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रजिस्ट्री फर्जीवाड़ा : भू-माफिया केपी सिंह की चार दिन की पीसीआर मंजूर

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रजिस्ट्री फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड कहे जा रहे केपी सिंह की पुलिस को चार दिन की कस्टडी रिमांड मिल गई है। पुलिस मंगलवार को उसे जेल से लाकर पूछताछ शुरू करेगी। पीसीआर में बहस के दौरान केपी सिंह ने खुद को केपी सिंह होने से इन्कार किया और कहा कि पुलिस गलत व्यक्ति को उठाकर लाई है। कहा कि वह पांचवी पास है और इन सबके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। लेकिन, न्यायालय ने उसके तर्कों को दरकिनार करते हुए चार दिन की पुलिस रिमांड मंजूर कर दी।
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बता दें कि रजिस्ट्री फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज होने के कुछ दिन बाद ही केपी सिंह का नाम सामने आ गया था। सहारनपुर का रहने वाला केपी सिंह ही वह जालसाज बताया जा रहा जिसने सबसे पहले बैनामों में छेड़छाड़ करने का खेल शुरू किया था। उस वक्त सहारनपुर में रखे देहरादून के रिकॉर्ड को वह यहां लेकर आता था और अधिवक्ता विरमानी व इमरान के साथ मिलकर इनके फर्जी दस्तावेज बनाता था। इसके बाद वास्तविक दस्तावेज को जलाकर नष्ट कर देता था। उसने कई बैनामों में इस तरह से खेल कर फर्जीवाड़े से जमीनें बेचकर करोड़ों रुपये कमाए हैं।

जब उसे पता चला कि देहरादून पुलिस उसकी तलाश कर रही है तो उसने एक पुराने मुकदमे में जमानत तुड़वाई और जेल में दाखिल हो गया। पुलिस गत शुक्रवार को उसे बी वारंट पर देहरादून लेकर आई थी। कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस ने उसकी चार दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी थी। इस पर सोमवार को बहस हुई। बहस के दौरान केपी सिंह ने कोर्ट को गुमराह करने की भी कोशिश की। उसने कोर्ट के सामने कहा कि वह इस फर्जीवाड़े के बारे में कुछ नहीं जानता है। वह केवल पांचवी तक पढ़ा है। बैनामा क्या होता है उसे इसकी भी जानकारी नहीं है। इस अभियोजन की ओर से तमाम साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिसमें उसका इस फर्जीवाड़े से संबंध होना दर्शाया गया। इस पर कोर्ट ने उसकी चार दिन की पीसीआर मंजूर कर दी। पुलिस पूछताछ के लिए उसे सहारनपुर भी लेकर जाएगी।
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