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Dehradun registry fraud: मुख्य आरोपी रहे केपी सिंह ने खुद के नाम पर तैयार कराई थी फर्जी वसीयत, ऐसे किया खेल

Fri, 27 Oct 2023 04:20 PM IST
देहरादून ब्यूरो अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून

सार

एसआईटी की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया कि देहरादून की एक संपत्ति की फर्जी वसीयत तैयार की गई। इस वसीयतनामे में प्रयोग की गई स्याही असली स्याही से भिन्न है।
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फर्जी रजिस्ट्री मामले का आरोपी केपी सिंह - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
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रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में एक और मुकदमा दर्ज हुआ है। इस घोटाले के मुख्य आरोपी केपी सिंह ने संपत्ति हड़पने के लिए अपने नाम एक व्यक्ति की फर्जी वसीयत तैयार की थी। साथ ही इसे रिकॉर्ड रूम में उप निबंधक कार्यालय के कर्मियों की मदद से जिल्द में चस्पा भी करा दिया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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एसआईटी की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया कि देहरादून की एक संपत्ति की फर्जी वसीयत तैयार की गई। इस वसीयतनामे में प्रयोग की गई स्याही असली स्याही से भिन्न है। मोहर भी उप निबंधक कार्यालय की मोहर से मिलती जुलती बनाई गई है। आरोपियों ने संपत्ति हड़पने के लिए इस वसीयत तैयार की, जिसे बाद में रिकॉर्ड रूम में उप निबंधक कार्यालय के कर्मियों की मदद से जिल्द में चस्पा करा दिया गया।

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पुलिस को दी गई तहरीर में विशेष जांच दल, स्टांप एवं निबंधन विभाग ने बताया कि गौरव गोयल ने फर्जी वसीयत को लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके चाचा संदीप गोयल का दिल्ली में स्वर्गवास हो गया था। चाचा की ओर से प्रफुल शर्मा व कंवर पाल सिंह उर्फ केपी सिंह के नाम बनाई गई वसीयत प्रकाश में आई। जांच में पाया कि रिकॉर्ड रूम की जिल्द में भी संदीप गोयल की ओर से किए गए वसीयतनामे की पति चस्पा है। विशेष जांच दल ने अपनी जांच में पाया कि संदीप गोयल के हस्ताक्षर जो वसीयतनामे पर दिखाए गए हैं, वह असली दस्तखत से भिन्न हैं। इसके अलावा वसीयतनामे में स्याही का रंग मूल वसीयतनामे में प्रयोग की गयी स्याही से भिन्न है। मुहर भी अन्य दस्तावेजों की मुहर से भिन्न है।
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गौरव गोयल ने बताया कि 16 राजपुर रोड पर उनकी पारिवारिक संपत्ति है। जिन व्यक्तियों के पक्ष में वसीयत लिखी गई है, वो लोग संदीप गोयल से कभी भी जुड़े नहीं रहे। वसीयत पर किसी अन्य लोगों ने संदीप गोयल के हस्ताक्षर बनाए हैं। एसआईटी ने पाया कि आरोपियों ने संपत्ति को हड़पने के लिए इस वसीयत को बनाया। उप निबंधक कार्यालय के कर्मियों की मदद से जिल्द में इसे चस्पा भी करा दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।I

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