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खुशखबरीः पहली बार होगी इन पदों पर भर्ती, अगस्त माह के अंत तक कर सकेंगे आवेदन

Mon, 30 Jul 2018 08:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Recruitment - फोटो : फाइल फोटो
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राज्य बनने के बाद पहली बार यह परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए अगस्त माह तक आवेदन किए जा सकेंगे।

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फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के लिए वैज्ञानिकों और अन्य स्टाफ की भर्ती की जाएगी। अभी तक केवल सात वैज्ञानिक ही परीक्षण कार्य में जुटे हैं। इनमें से छह देहरादून मुख्य लैब और एक रुद्रपुर लैब में तैनात हैं। एफएसएल को पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए 22 वैज्ञानिकों और 19 जूनियर स्टाफ की भर्ती की जाएगी।

इसके बाद ही उत्तराखंड में कंप्यूटर फॉरेंसिक, पॉलीग्राफ टेस्ट और ऑडियो-वीडियो लैब बढ़ाई जा सकेगी। अधिकारियों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया अगस्त के अंत तक पूरी कर ली जाएगी।  बता दें कि उत्तराखंड में 2006 में एफएसएल की शुरुआत हुई थी।
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इससे पहले यहां होने वाले अपराधों में जरूरी वैज्ञानिक परीक्षण उत्तर प्रदेश व सेंटर फोरेंसिक लैबों में किए जाते थे। उत्तर प्रदेश से अलग होने के बाद ही यहां पर बंटवारे में जो वैज्ञानिक मिले थे, उन्हीं के भरोसे अब तक काम किया जा रहा है।
 

सभी जांचों के लिए केवल सात वैज्ञानिक

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गत 12 सालों से आठ प्रकार की जांचे देहरादून और रुद्रपुर में की जाती हैं। इनमें डीएनए और नारकोटिक्स जैसी जटिल जांचे हाल के कुछ सालों में शुरू की गई हैं। इसके साथ ही विसरा जांच भी यहां पांच सालों से की जा रही है। इन सब जांचों को केवल सात वैज्ञानिक ही करते हैं। इसके लिए लंबे समय से वैज्ञानिकों व अन्य सहयोगी स्टाफ की संख्या बढ़ाए जाने की कवायद चल रही थी। 

डायरेक्टर एफएसएल अमित कुमार सिन्हा ने बताया कि अब 22 वैज्ञानिकों की भर्ती के लिए लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा गया है। जबकि 19 जूनियर स्टाफ जिसमें लैब सहायक भी शामिल हैं, इसके लिए अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से भर्ती किए जा रहे हैं। एफएसएल में कुल 105 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से लगभग 50 पद खाली हैं। इनमें हाल ही में फोटोग्राफरों के लिए भी परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका रिजल्ट आने के बाद उनकी ट्रेनिंग शुरू की जाएगी। 

कंप्यूटर फोरेंसिक के लिए भेजा गया प्रस्ताव 
अब तक साइबर अपराधों में वैज्ञानिक परीक्षणों के लिए सैंपल सेंटर फोरेंसिक लैब चंडीगढ़ भेजा जाता था। दून और आसपास में इस तरह के अपराध बढ़ने पर यहां भी साइबर फोरेंसिक की जरूरत महसूस होने लगी। पिछले दिनों प्रमुख सचिव (गृह) आनंदवर्द्धन ने भी कंप्यूटर फोरेंसिक, पॉलीग्राफ टेस्ट सैटअप और ऑडियो वीडियो लैब के लिए जल्द प्रस्ताव भेजे जाने को कहा था। इसके बाद तीनों लैब के लिए प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं। वैज्ञानिकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों लैब शुरू की जाएंगी। 
 
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ये होती हैं अभी तक जांच 

डीएनए टेस्ट
डीएनए 
सीरोलॉजी (खून से संबंधित)
बायोलॉजी 
बैलेस्टिक
फिजिक्स 
दस्तावेजी 
केमिस्ट्री 
नारकोटिक्स  
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