Record, applications, received
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उत्तराखंड सरकार ने एक योजना में कुछ ऐसे बदलाव किए कि इसका लाभ लेने के लिए आवेदनों की मानों बाढ़ आ गई। यह योजना दशमोत्तर छात्रवृत्ति से संबंधित है। समाज कल्याण विभाग ने इस वित्तीय वर्ष के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर छात्रों से आनलाइन आवेदन मांगे थे। विभाग के पास रिकार्ड दो लाख 73 हजार 158 आवेदन पहुंच चुके हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 फरवरी तक बढ़ाई गई है।
जिस संख्या में छात्रवृत्ति के आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, उससे यह संख्या तीन लाख के आंकड़े को पार कर जाएगी। पिछले साल दो लाख 69 हजार छात्रों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। इस साल छात्रवृत्ति के आवेदन की प्रक्रिया में बदलाव किया गया। स्कूलों में शिक्षकों और अभिभावकों की आनलाइन आवेदन के लिए जिम्मेदारी तय की गई। आरंभ में आनलाइन आवेदन के लिए 31 जनवरी अंतिम तिथि तय की गई थी। मगर इस तिथि तक दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों से आवेदन नहीं पहुंचे। ‘अमर उजाला’ ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद शासन ने आनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को 15 फरवरी तक बढ़ा दिया था। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो 12 फरवरी तक विभाग के पास दो लाख 73 हजार 158 आवेदन पहुंच चुके थे। आवेदन आने का सिलसिला अभी भी जारी है और इसके तीन लाख तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसकी आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग की छात्रवृत्ति योजना के लिए आनलाइन आवेदन मांगे जाना है। डॉ. अंबेडकर छात्रवृत्ति योजना के तहत इस योजना में 30 से 40 हजार आवेदन आ सकते हैं। इस तरह आनलाइन आवेदनों की संख्या तीन लाख के पार पहुंच सकती है। ये अपने आप एक रिकार्ड होगा। अपर सचिव समाज कल्याण राम बिलास यादव के मुताबिक, 31 मार्च तक छात्रवृत्ति योजना के तहत आवेदन और आवंटन की प्रक्रिया को संपन्न करा दिया जाएगा। एक अप्रैल से नेशनल पोर्टल के माध्यम से नए वित्तीय वर्ष के छात्रों को छात्रवृत्ति का आवंटन होगा। इस प्रक्रिया समयबद्धता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।