जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश
इसके बाद संजय सिंह की ही शिकायत पर 25 जनवरी को चौथा मुकदमा दर्ज हुआ। इस मुकदमे में उनके भाई को भी आरोपी बनाया गया। आरोप है कि उन्होंने रजिस्ट्रार कार्यालय से जमीन के असली बैनामे को ही गायब करा दिया और पुराने मालिक के वारिसों से जमीन अपने नाम करा ली। इस साल दर्ज हुए मुकदमों की विवेचना राजपुर से हटाकर वसंत विहार थाने को दी गई थी। लेकिन, इसमें कोई कार्रवाई न होते पीड़ितों ने पुलिस मुख्यालय से गुहार लगाई। मुख्यालय ने सितंबर में शासन से इस मामले की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की। अब गृह विभाग ने भी जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश कर दी है।
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‘यह कोर्ट की अवमानना भी हो सकती है’
मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। यह कोर्ट की अवमानना भी हो सकती है। इसकी जानकारी शायद किसी ने शासन को नहीं दी है। जहां तक सीबीआई जांच की बात है तो यह अच्छा होगा। क्योंकि, बड़ी एजेंसी जांच करेगी तो सब साफ हो जाएगा। मेरे कागज एकदम ठीक हैं। मुकदमों की जांच के लिए तीन विवेचक बदले जा चुके हैं। अब तक किसी भी मुकदमे में मेरे खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला है। मेरे ऊपर पुलिस ने एक बार समझौता करने का दबाव बनाया था। मैं जब भी किसी अधिकारी के पास जाता हूं तो मेरी फाइल देखने के लिए कोई तैयार नहीं होता। उम्मीद है कि सीबीआई मेरी बात सुनेगी और सब कुछ निष्पक्ष होगा।
-सुधीर विंडलास, उद्योगपति