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तबादलों का सचः अनिवार्य के लिए ‘न’, पर इनके लिए ‘हां’

Thu, 23 Jul 2015 12:56 PM IST
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड शिक्षा विभाग के कारनामे भी अजब-गजब हैं, दून के दुर्गम विद्यालयों में शिक्षकों के पद खाली नहीं हैं। इसी वजह से अनिवार्य तबादलों में कई शिक्षकों को विभाग ने इन स्कूलों में नहीं भेजा।
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लेकिन, अब अनुरोध के आधार पर विभिन्न जनपदों से 40 शिक्षिकाओं के दून के दुर्गम स्कूल में तबादले कर दिए गए हैं। मंडल के अंतर्गत होने वाले तबादलों में कुल 62 में से सबसे अधिक शिक्षिकाओं के दून में तबादले किए गए हैं।

दून में दुर्गम विद्यालयों में शिक्षकों के पद खाली नहीं हैं। यहां पहले ही विभिन्न विद्यालयों में 93 शिक्षक अधिक है। दुर्गम स्कूलों में जगह न होने से बेसिक के 41 शिक्षकों में से मात्र 17 शिक्षकों के ही सुगम से दुर्गम विद्यालयों में अनिवार्य तबादले किए गए।
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विभागीय अधिकारियों का कहना था कि चकराता, कालसी और रायपुर के दुर्गम स्कूलों में जगह न होने से ऐसा किया गया है, लेकिन अनुरोध के आधार पर होने वाले तबादलों में रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पौड़ी, टिहरी, चमोली जनपदों से शिक्षकों के तबादले किए गए हैं।

इसमें सबसे अधिक 40 शिक्षिकाओं के दून में और दस शिक्षिकाओं के विभिन्न जनपदों से हरिद्वार में तबादले किए गए हैं। सवाल यह है कि दुर्गम विद्यालयों में जगह नहीं है तो इन शिक्षिकाओं के दून में क्यों तबादले किए गए?

दून में यह है स्थिति
दून में दुर्गम स्कूलों में 93 शिक्षक अधिक हैं। वहीं सुगम में शिक्षकों के 180 पद रिक्त हैं। ऐसे में अनुरोध के आधार पर तबादला होकर आईं शिक्षिकाएं अब सुगम में तैनाती के लिए विभाग पर दबाव बना सकती हैं।

यह समस्या आएगी सामने
सवाल यह है कि दूसरे जनपदों से यदि इसी तरह बड़ी संख्या में शिक्षक तबादला होकर आते रहे तो भविष्य में नई नियुक्ति के शिक्षकों के लिए पद नहीं रहेंगे। वर्तमान में दून में 50 अभ्यर्थी डीएलएड का कोर्स कर रहे हैं। यहां पद न होने से नए भर्ती होने वाले शिक्षकों को दूसरे जनपदों में नियुक्ति देनी पड़ेगी।

दुर्गम में होती है तैनाती
तबादला होकर दूसरे जनपदों से आने वाले शिक्षकों की दुर्गम विद्यालयों में नियुक्ति दी जाती है, लेकिन यहां दुर्गम में जगह नहीं हैं। ऐसे में इन शिक्षकों की तैनाती विभाग के लिए भी खासी चुनौती होगी।

मेरे पास अभी दून में तबादला होकर आई शिक्षिकाओं की सूची नहीं पहुंची है, सूची मिलने पर शिक्षिकाओं को तैनाती दी जाएगी। रही दुर्गम में जगह न होने की बात, पहले से कुछ अतिरिक्त शिक्षक हैं तो कुछ और हो जाएंगे। लेकिन, इन शिक्षिकाओं की किसी भी सूरत में सुगम स्कूलों में तैनाती नहीं की जाएगी।
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- पदमेंद्र सकलानी, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक
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