केंद्र सरकार ने प्रदेश के 24 लाख राशनकार्ड धारकों को बड़ा झटका दिया है। केंद्र सरकार ने चीनी के मद में दी जानी वाली सब्सिडी को अप्रैल माह से बंद करने का फैसला लिया है।
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अप्रैल माह से राशन की दुकानों पर सस्ती चीनी नहीं मिलेगी। इसका नुकसान प्रदेश के 24 लाख राशन कार्डधारकों को उठाना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने चीनी के मद में दी जानी वाली सब्सिडी को अप्रैल माह से बंद करने का फैसला लिया है। राशन कार्ड धारकों को उस स्थिति में ही सस्ती चीनी मिल सकती है, जब राज्य सरकार सब्सिडी का बोझ उठाने को तैयार हो।
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चीनी की बढ़ी कीमतें
- फोटो : self
राशन की दुकानों से मिलने वाली चीनी पर केंद्र सरकार अब तक 18.50 रुपये प्रति किलो की दर से सब्सिडी उपलब्ध करा रही थी। प्रदेश सरकार चीनी मिलों से 32 रुपये प्रति किलो के दर पर चीनी की खरीद करती है और राशन की दुकानों पर उसे 13.50 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जाता है।
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राशन कार्ड
- फोटो : file photo
चीनी खरीदने और राशन की दुकानों तक इसे पहुंचाने का खर्च प्रदेश सरकार वहन करती है। विभाग के सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार अगर चीनी की सब्सिडी का बोझ उठाने को तैयार होती है तो उसे प्रतिवर्ष 150-200 करोड़ रुपये का बोझ उठाना पड़ेगा।
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डेमो पिक
एक अनुमान के मुताबिक राशन की दुकानों के लिए प्रतिमाह 6033 मीट्रक टन चीनी का कोटा रिलीज किया जाता है। अप्रैल माह के लिए खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से चीनी का कोटा रिलीज नहीं किया गया है।
केंद्र सरकार ने अप्रैल माह से चीनी पर दी जानी वाली सब्सिडी को बंद करने का फैसला लिया है। ऐसे में राशन की दुकानों के लिए चीनी का कोटा रिलीज नहीं किया गया है। अब प्रदेश की नई सरकार इस मुद्दे पर फैसला लेगी।
- आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग