ऋषिकेश। कोरोना काल के दौरान जरूरतमंदों के लिए आया राशन तहसील के गोदाम में ही सड़ गया। लेकिन दस महीने तक अधिकारियों को इसकी खबर तक नहीं लगी। जब राशन सड़ने की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो लापरवाही का खुलासा हुआ। अब जिम्मेदार अधिकारी मामला उनके समय का न होने की बात पल्ला झाड़ रहे हैं।
स्वयंसेवी संस्थाओं और प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना काल में गरीबों और जरूरतमंदों के लिए तहसील प्रशासन को कई कुंतल राशन उपलब्ध कराया गया था। लेकिन ऋषिकेश तहसील प्रशासन ने राशन जरूरतमंद लोगों को बांटने की बजाय तहसील के गोदाम में रख दिया। राशन में आटे के पांच-पांच किलो कट्टे, चावल, दाल, चीनी, नमक, तेल, मसाला आदि शामिल थे। घर का जरूरत का अन्य सामान भी था। सूत्रों के अनुुसार यह राशन पिछले साल के अक्तूबर से तहसील के स्टोर में पड़ा है। अधिकारियों ने राशन को स्टोर में जमा करा दिया। लेकिन जरूरतमंदों को बांटना भूल गए। धीरे-धीरे स्टोर में रखे आटे के कट्टे थे उन पर घुन लगे हैं, और आटा सड़ गया। राशन किट में मौजूद अन्य सामान सीलन से खराब हो गए।
मुझे आए हुए अभी डेढ़ महीना हुआ है, तहसील के स्टोर से राशन कब से रखा गया था, क्यों सड़ा इसकी मुझे जानकारी नहीं है। राशन जरूरतमंदों को क्यों नहीं बांटा गया इसकी जांच कराई जाएगी।
डॉ. अमृता शर्मा, तहसीलदार ऋषिकेश
सीएम से की राशन सड़ने की शिकायत
भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश सह संयोजक प्रकांत कुमार की ओर से मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को मेल कर ऋषिकेश तहसील में कोरोनाकाल के दौरान जरुरतमंदों के लिए आए राशन के सड़ने की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन की ओर से इस राशन को जरुरतमंदों और गरीबों को बांटने के बजाय सड़ा दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री से जिम्मेदार अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।