उत्तराखंड खाद्य आपूर्ति विभाग सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों को मल्टीब्रांड डिपार्टमेंटल स्टोर्स में बदलने की तैयारी कर रहा है।
इस संबंध में कई डिपार्टमेंटल स्टोर चलाने वाली कंपनियों से बातचीत की जा रही है। राशन डीलर भी योजना को लेकर खासे उत्साहित हैं। विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें जल्द ही बदली-बदली नजर आएंगी।
खस्ताहाल दुकानों और दुकानदारों की दशा सुधारने के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग नई पहल करने जा रहा है। इसके तहत विक्रेता को मल्टी ब्रांड स्टोर कंपनी के लिए दुकानें उपलब्ध करानी होंगी। कंपनी दुकानों तैयार करके स्टोर की शक्ल देगी। स्टोर में कंपनी ही तमाम सामान उपलब्ध कराएगी।
सामान की बिक्री पर दुकानदार को एक निश्चित कमीशन मिलेगा। दुकान में दो अलग-अलग काउंटर बनाए जाएंगे। एक काउंटर स्टोर के सामान के लिए होगा और दूसरा सस्ते गल्ले के लिए। उम्मीद है कि सरकारी सस्ता गल्ला लेने आने वाले ग्राहक स्टोर से दाल, तेल, साबुन, क्रीम समेत अन्य जरूरत का सामान भी खरीदेंगे। इससे कंपनी और विक्रेता दोनों को फायदा होगा।
विभाग राशन डीलरों के साथ बैठक के बाद योजना का प्रस्ताव तैयार कर शासन को सौंप चुका है। शासन से स्वीकृति के बाद पहले चरण में कुछ दुकानों को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाया जाएगा।
सस्ते गल्ले के बदले रूप से सबको होगा फायदा
विक्रेता को यह होगा फायदा
योजना से विक्रेता को यह लाभ होगा कि कंपनी उसकी दुकान को डिपार्टमेंटल स्टोर की तरह सजाकर सुंदर बना देगी। सरकारी सस्ते गल्ले के साथ ही वह अन्य कई ब्रांड्स के उत्पाद भी बेच सकेंगे, जिसमें उन्हें निर्धारित कमीशन मिलेगा। इससे विक्रेता की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।
विभाग-ग्राहकों को यह फायदा
ग्राहकों की सबसे बड़ी शिकायत रहती है कि राशन की दुकानें पूरे माह में केवल कुछ घंटों के लिए खुलती हैं। ऐसे में वहां राशन के लिए अक्सर भीड़ लगी होती है। राशन विक्रेता तर्क देते हैं कि उनके पास स्टॉक कम होता है।
साथ ही बिक्री से उन्हें अधिक लाभ भी नहीं होता, इसलिए वह ज्यादा देर दुकान खोलकर नहीं बैठ सकते। अब अगर विक्रेता को सरकारी सस्ते गल्ले के साथ ही स्टोर भी चलाने को मिलेगा तो वह पूरा दिन स्टोर खुला रखेगा। इससे ग्राहकों को आसानी होगी।
कंपनी को भी मिलेगा लाभ
योजना से कंपनी को यह लाभ होगा कि कम खर्च पर जिलेभर में उसके स्टोर खुल जाएंगे। स्टोर्स के संचालन के लिए उन्हें अलग से कर्मचारी नहीं रखने होंगे। कम खर्च पर खुलने वाले स्टोर्स में वह सभी लोग अनिवार्य रूप से आएंगे, जो सस्ता खाद्यान्न लेने आते हैं।
राशन डीलरों के साथ इस संबंध में बैठक हो चुकी है। डीलरों ने योजना को लेकर दिलचस्पी दिखाई है। उन्हें बिना खर्च अच्छा-खासा स्टोर तैयार मिल जाएगा। इससे उन्हें आर्थिक लाभ होगा। दुकान ज्यादा समय तक खुली रहेगी तो ग्राहकों को भी फायदा होगा। योजना का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
- पीएस पांगती, डीएसओ, देहरादून