रेप के आरोप में दस साल की सजा काट रहे कैदी ने लुंगी के फंदे से फांसी लगाकर जेल की बैरक में खुदकुशी कर ली। आत्महत्या की वजह साफ नहीं हो सकी है।
मंगलौर क्षेत्र के गांव झबीरन का रहने वाला 41 वर्षीय तीर्थपाल पुत्र चमनलाल 29 अप्रैल 2010 से जेल में था। रेप के आरोप में उसे दस वर्ष की कैद हुई थी और पांच साल नौ माह की सजा भी पूरी कर ली थी। पेशे से नाई रहा तीर्थपाल जेल में भी नाई का ही कार्य करता था।
मंगलवार को जेल कैंपस में बनी नई बैरक सात ए और बी के खुले क्षेत्र में कैदियों के बाल काटे जा रहे थे। दोपहर को जब बैरक संख्या पांच-ए में कैदियों की गिनती शुरू हुई तब तीर्थपाल गायब मिला। तीर्थपाल की तलाश शुरू की गई तो बैरक सात बी में पंखे से झूलता मिला।
जेल अधीक्षक एसके सुखीजा, जेलर एमबी सिंह तुरंत मौके पर पहुंच गए। कैदी को उतारकर एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदी का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, उसकी खुदकुशी की कोई वजह सामने नहीं आई है।