इसी दौरान रंजीत चौधरी के पिता और भाई की हत्या कर दी गई। इसका बदला लेने के लिए रंजीत ने आरोपियों की हत्या कर दी। यहीं से ही रंजीत ने अपराध की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे एक बड़ा अपराधी बन गया। रंजीत ने बिहार और झारखंड में लोगों की हत्याएं करना शुरू कर दिया। इसके अलावा रंजीत लोगों की सुपारी भी लेने लगा। यही नहीं रंजीत अपराध की दुनिया में इतना शामिल हो गया कि उसने थाने के बाहर ही गोली मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी।
पुलिस को बनाना पड़ा विशेष कार्यबल दस्ता
रंजीत चौधरी के कुख्यात अपराधी बनने के बाद बिहार पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए जी जान लगा दी। जब सफलता नहीं मिली तो बिहार पुलिस को राज्य स्तर पर विशेष कार्यबल दस्ता बनाना पड़ा। साथ ही पुलिस मुख्यालय को दो लाख का इनाम घोषित करना पड़ा।