हादसे से रेंजर और उनकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि सुरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद ड्राइवर ट्रक छोड़कर भाग गया। पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाने के साथ ही शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिए। शवों की काफी देर तक पहचान नहीं हो सकी। मोबाइल व अन्य चीजों से जानकारी जुटाकर सूचना दी तो करीब तीन बजे रिश्तेदार बरेली पहुंच सके।
पढ़ाई कर रहे हैं वन रेंजर के दोनों बेटे
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद परिवार के लोग बेहद गमजदा थे। रेंजर की बहन पुष्पा धामी हल्द्वानी से आईं थीं। उन्होंने बताया कि भाई गोविंद बिष्ट के दो बेटे मयंक और तेजस हैं, गोविंद सिंह का बड़ा बेटा बीटेक और छोटा अल्मोड़ा में होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा है। गोविंद सिंह बिष्ट के परिवार में उनकी 90 वर्षीय मां कुंती बिष्ट भी हैं। पुष्पा धामी ने बताया कि दोनों बेटों को अल्मोड़ा में ही रहने को कहा है।
हम लोग शव लेकर वहां जाएंगे और बुधवार सुबह अंतिम संस्कार किया जाएगा। इधर, दुर्घटना की सूचना मिलते ही अल्मोड़ा नगर में शोक की लहर छा गई। इस दौरान उनके आवास पर वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी समेत नगर के लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। उनके निधन पर सभासद सौरव वर्मा, पत्रकार कैलाश पांडे, टीके वर्मा आदि ने शोक जताया है।