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माह-ए-रमजान का इंतजार खत्म, चांद का हुआ दीदार, गुरुवार को होगा पहला रोजा

Wed, 16 May 2018 10:41 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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चांद का दीदार होते ही बुधवार शाम से माह-ए-रमजान का आगाज हो गया। बृहस्पतिवार को पहला रोजा होगा। वहीं चांद रात पर मुस्लिम इलाकों में खास चहल-पहल नजर आई। मस्जिदों में तरावीह (विशेष नमाज) का दौर शुरू हो गया। इसके अलावा लोगों ने आतिशबाजी की और एक दूसरे को गले लगाकर रमजान की मुबारकबाद दी।

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शहर काजी मोहम्मद अहमद कासमी और शहर मुफ्ती सलीम अहमद ने चांद की तस्दीक की और सभी को रमजान की बधाई दी। उन्होंने बताया कि आसमान में बादल होने की वजह से उत्तराखंड में चांद नहीं देखा जा सका। मद्रास, बंगलूरू, कर्नाटक और हैदराबाद आदि जगहों पर चांद देखा गया। इसके बाद देवबंद की हिलाल कमेटी ने 17 मई को पहला रोजा होने का एलान किया।

उन्होंने बताया कि इशा की नमाज के बाद शहर की तमाम मस्जिदों में तरावीह का सिलसिला शुरू हो गया है। बताया कि तरावीह में 20 रकात नमाज-ए-तरावीह अदा की जाती है। इसे पूरे महीने हाफिज सुनाते हैं। तरावीह की समाप्ति के बाद सूर-ए-तरावीह होता है। रमजान के रोजे हर बालिग मर्द और औरत पर फर्ज है। रोजे का असल मकसद भूखा रहना नहीं अपनी नफ्स (इच्छाओं) पर काबू पाना है। इस माह में एक नेकी का सवाब सत्तर गुना मिलता है। रोजे की हालत में गीबत, झूठ, लड़ाई आदि बुरे कामों से बचना चाहिए। अल्लाह की खूब इबादत करें और गरीबों की मदद करें। वहीं सहरी के लिए सिवइयों, फैनी, खजला, डबल रोटी, शीरमाल, दूध समेत अन्य सामान की खरीददारों से देर रात तक बाजार गुलजार रहे।
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रहमत का महीना है रमजान
नायब सुन्नी शहर काजी सैय्यद अशरफ हुसैन कादरी ने भी लोगों को रमजान की मुबारकबाद दी है। उन्होंने बताया कि रमजान का महीना रहमत, बरकत और मगफिरत का है। इस महीने में बंदा अपनी इबादत के जरिए अल्लाह के करीब जा सकता है। इसी महीने में कुरान पाक नाजिल हुआ। इस महीने में खूब इबादत करें, गरीबों की मदद करें और बुरे कामों से दूर रहे। पूरे रोजे रख मुस्तकिल तरावीह पढ़े।
 

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पांच जुमे-हर रोजा 15 घंटे का

- फोटो : अमर उजाला
हर रोजा 15 घंटे का
 हाफिज शाहनजर ने बताया कि इस बार सभी रोजे 15 घंटे या इससे अधिक के होंगे। रोजे 915 मिनट से 942 मिनट के बीच होंगे। आखिरी रोजा सबसे बड़ा होगा। जो सुबह 3:40 से शुरू होकर शाम को 7:22 तक चलेगा।
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इस बार पड़ेंगे पांच जुमे
बृहस्पतिवार से माह-ए-रमजान का आगाज होने पर इस बार पांच जुमे पडे़ंगे। दूसरे रोजे को ही पहला जुमा होगा। जबकि 9वें रोजे, 16वें रोजे, 23वें रोजे और 30वें रोजे को भी जुमा है।

पहला रोजा इफ्तार 17 मई
सुन्नी   शाम 7:07 बजे
शिया   शाम 7:15

दूसरा रोजा सहरी 18 मई
सुन्नी   सुबह 3:51 बजे
शिया   सुबह 3:42 बजे
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