तो गंगनहर में बहा दी गई थी राजेश की लाश
सिर्फ तीन जिलों तक सिमट गया है विकास : खंडूड़ी
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश महामंत्री रामलाल खंडूड़ी ने कहा कि प्रदेश का विकास सिर्फ तीन जिलों तक सिमट गया है। पहाड़ी जिले आपदा से त्रस्त हैं। सत्ता में बैठे सभी लोगों ने कभी गैरसैंण को स्थाई राजधानी नहीं बनने दिया। राज्य गठन से पहले जब यूपी में थे तो मूल निवास प्रमाणपत्र मिलता था। जबकि आज नए और कई पीढि़यों से प्रदेश में रह रहे सभी लोगों को स्थाई निवास प्रमाणपत्र दिया जा रहा है। राज्य आंदोलन के लिए युवाओं को परेड मैदान में धरने पर बैठना पड़ता था और 25 वर्ष बाद भी पेपर लीक रोकने को उसी परेड मैदान में बैठना पड़ रहा है।