देशभर में लॉकडाउन के बीच इस साल जंत्री यानी विशेष टाइम टेबल नहीं छप पाया है। लिहाजा, इस साल या तो सोशल मीडिया में जारी हुए टाइम टेबल या आसपास की मस्जिद में होने वाले एलान या सायरन सुनकर रोजा इफ्तार और खत्म सहरी कर सकते हैं। हर साल लाखों रुपये के खर्च से अलग-अलग मदरसों, मस्जिदों, समाजसेवियों की ओर से रमजान का टाइम टेबल छपवाकर लोगों में निशुल्क बांटा जाता है।
इस साल यह परंपरा भी लॉकडाउन के चलते नहीं हो पाई। लिहाजा, मस्जिद और मदरसों की ओर से डिजिटल फॉर्मेट में रमजान का टाइम टेबल तैयार किया गया है। यह टाइम टेबल दो दिन पहले से ही लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से भेजा गया है।
रोजा इफ्तार और खत्म सहरी का इसमें पूरा समय दिया गया है। मुफ्ती सलीम अहमद का कहना है कि अगर किसी के पास स्मार्ट फोन नहीं है तो वह अपने आसपास की मस्जिद में होने वाले एलान या सायरन सुनकर रोजा इफ्तार और खत्म सहरी कर सकता है।