अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर छह दिसंबर के बाद हरकी पैड़ी पर आमरण अनशन करने की घोषणा करने वाले भारत माता मंदिर के संस्थापक एवं निवर्तमान शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि से मिलकर जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य ने अनशन की घोषणा वापस लेने की अपील की है। संतों की माने तो स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि ने संत समाज की भावना का सम्मान करने की बात कही है। हालांकि अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि वह अनशन करेंगे या नहीं।
पिछले दिनों स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज ने घोषणा की थी कि वह अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर छह दिसंबर के बाद हरकी पैड़ी पर आमरण अनशन करेंगे और जब तक निर्माण शुरू नहीं हो जाता उनका अनशन जारी रहेगा। देश के शीर्ष संतों में शामिल सत्यमित्रानंद गिरि की इस घोषणा से दिल्ली तक हड़कंप मच गया था। कई संत पहले ही उनसे अपनी घोषणा वापस लेने का आग्रह कर चुके हैं।
रविवार को अयोध्या में हुई धर्मसभा से लौटने के बाद जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य ने सोमवार को स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज से मुलाकात की। उन्होंने उनसे पुन: अनशन करने की अपनी घोषणा वापस लेने की अपील की। स्वामी हंसदेवाचार्य ने बताया कि उन्होंने अयोध्या में हुई धर्मसभा के निर्णयों के बारे में स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यदि अनशन करना भी पड़ेगा तो हम करेंगे। स्वामी हंसदेवाचार्य के अनुसार सत्यमित्रानंद गिरि ने आश्वासन दिया है कि वह संतों की भावनाओं के अनुरूप ही निर्णय लेंगे। भारत माता मंदिर के ट्रस्टी आईडी शास्त्री ने भी स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि और हंसदेवाचार्य के बीच चर्चा की पुष्टि करते हुए बताया कि निवर्तमान शंकराचार्य ने संतों की भावनाओं के अनुरूप ही निर्णय लेने की बात कही है।