एक समारोह में जेठमलानी ने तत्कालीन केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि सीबीआई को केंद्र ने अपना मोहरा बना रखा है और स्वतंत्र मानी जाने वाली इस एजेंसी का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ही तर्ज पर कहा था कि जीवन के हर क्षेत्र में सफल होने के लिए पहली शर्त स्वस्थ शरीर है। जेठमलानी ने युवा अधिवक्ताओं का आह्वान किया था कि वकालत समाज का महत्वपूर्ण पेशा है।
युवा अधिवक्ताओं को इन बातों का ध्यान रखते हुए वकालत का सम्मान बनाए रखने के लिए सचेत रहना चाहिए। इस पेशे का प्रयोग पैसे के लिए नहीं बल्कि राष्ट्र उत्थान के लिए होना चाहिए। इससे पहले नैनीताल में पत्रकार वार्ता में भी जेठमलानी ने कहा था कि केंद्र सरकार सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है।
उन्होंने सीबीआई के तत्कालीन निदेशक रंजीत सिन्हा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में जो हलफनामा दिया था उसकी भी उन्होंने तारीफ की थी। इस जांच एजेंसी से उसकी स्वतंत्रता नहीं छीनी जानी चाहिए।
इन्होंने दी श्रद्धांजलि
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता डीके शर्मा, पूर्व सांसद महेंद्र पाल सिंह, महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, डीएस पाटनी, कमलेश तिवारी, संदीप तिवारी, परेश त्रिपाठी, गुड्डू जोशी, प्रदीप चौहान, राजेंद्र डोभाल, पूरन सिंह बिष्ट, जयवर्धन कांडपाल, अमर शुक्ला, बीएम पिंगल, लता नेगी, नीतू सिंह, हरेंद्र बेलवाल, एसके मंडल, हरिमोहन भाटिया आदि ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि उनके निधन से न्यायिक जगत में पैदा हुए रिक्त स्थान की भरपाई हो पाना मुश्किल है।