चिन्हीकरण की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारियों ने आंदोलन तेज कर दिया है। प्रशासन के रवैये से नाराज 12 राज्य आंदोलनकारियों ने स्वयं को नगर पंचायत के कमरे में कैद कर लिया और कमरे के भीतर ही सामूहिक आमरण अनशन करने का एलान कर दिया है। दूसरे चरण में राम सिंह बोरा का अनशन छठे दिन भी जारी रहा।
मालूम हो कि गत दिवस जिलाधिकारी से वार्ता के बाद से आंदोलनकारी आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि प्रशासन पिछले दो सालों से सिर्फ आंदोलनकारियों को झूठे आश्वासनों के माध्यम से गुमराह करता रहा है।
द्वाराहाट चौखुटिया के 12 राज्य आंदोलनकारी सुबह नगर पंचायत परिसर पहुंचे और स्वयं को नगर पंचायत सभागार में कैद कर लिया है। अंदर ही सामूहिक आमरण अनशन करने का भी एलान किया है। आंदोलनकारियों ने सभागार के दोनों दरवाजों पर ताले जड़ दिए हैं।
जिसके चलते छह दिनों से लगातार आमरण अनशन पर बैठे राज्य आंदोलनकारी राम सिंह बोरा के स्वास्थ्य की भी जांच नहीं हो सकी। इस दौरान आंदोलनकारी भीतर से प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। कहा कि ऐसे लोगों का राज्य आंदोलनकारी बना दिया गया है, जिनका आंदोलन से कोई नाता नहीं है, जबकि राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले लोग आज भी न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
पिछले दो सालों से आंदोलन चल रहा है, इस बीच प्रशासन के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं, हर बार झूठे आश्वासनों के माध्यम से गुमराह किया गया है। गत दिवस जिलाधिकारी से वार्ता हुई, जिसमें डीएम ने जिला कारागार से सार्टिफिकेट मंगाने की बात कही। कहा कि दो साल से सार्टिफिकेट तक नहीं मंगाए गए हैं।
जिला प्रशासन मामले को लेकर गंभीर नहीं हैं। कैद आंदोलनकारियों में राम सिंह बोरा, संगठन अध्यक्ष मनोज अधिकारी, महेश प्रसाद त्रिपाठी, मोहन सिंह रावत, लक्ष्मण सिंह, धनी राम, गोपाल सिंह राणा, किशन सिंह नेगी, दान सिंह राणा, नवीन चंद्र जोशी, मनोहर दत्त जोशी, कुंदन राम आदि शामिल हैं। खबर लिखे जाने तक आंदोलनकारी कमरे में ही कैद थे।